जिले से अब तक 9088 सैंपल लिए जा चुके हैं। इसमें 7460 की रिपोर्ट अब तक आई है। पीजीआई की लैब ने 385 सैंपल को रिजेक्ट कर दिए हैं। कहा गया है कि सैंपल की सीलिंग ठीक से नहीं हुई थी। जिससे वह लीक हो गए हैं। ऐसे में इनकी जांच संभव नहीं। सैंपल रिजेक्ट किए जाने के बाद प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
बड़ी समस्या यह है कि अब सभी संदिग्धों के सैंपल दोबारा लेने होंगे, जिसकी रिपोर्ट आने में फिर से 4-5 दिन लगेंगे। इस बीच अगर 385 में से कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला तो वह कई लोगों तक बीमारी पहुंचा चुका होगा और उपचार में देरी से उसका स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ सकता है।
इस बाबत सीएमओ डॉ रामजी पांडेय का कहना है कि लीकेज की आशंका से सैंपल लौटाए गए हैं। इन सभी मरीजों की दोबारा सैंपलिंग कराई जा रही है। उन पर निगरानी रखी जा रही है। ज्यादातर सैंपल 11 से 13 जून के मध्य के हैं।