उनके पिता भी समाज सेवा में लगे थे। उमाशंकर ने त्रयोदशाह संस्कार में ब्राह्मण को भोजन कराने के बाद मलीन बस्ती के गरीबों में भोजन वितरित कर दिया। उमाशंकर प्रजापति ने बताया कि बूढ़ादेई, रवानी टोला, पट्टी कला सहित अन्य इलाकों में रह रहे गरीबों के बीच भोजन का वितरण कराया गया है। त्रयोदशाह कार्यक्रम के दिन गरीबों को भोजन कराने के बाद उनको आत्मीय सुख की अनुभूति हुई है।
विद्यालय के लिए दान मे दे दी कीमती भूमि
उमाशंकर के पिता दीनानाथ प्रजापति ने अपने जीवन काल में ही तकरीबन आठ बिस्वा लबे रोड की भूमि शिक्षा मंदिर के लिए दान मे दे दी थी। वर्तमान समय में इस भूमि की अनुमानित कीमत करोड़ों में आंकी गई है। आज क्षेत्र के बच्चे इस भूमि पर निर्मित विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।