वाराणसी। जैसे-जैसे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है, इससे जंग लड़ने वालों की चुनौतियां भी बढ़ती जा रहीं हैं। कोविड हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में मरीजों का इलाज करने वाली डॉक्टरों की टीम के साथ ही नॉन कोविड हॉस्पिटल में भी कोरोना के संक्रमण को लेकर पहले की तुलना में अब अधिक सावधानियां बरतनी शुरू कर दी गई हैं। जिससे किसी भी मरीज के इलाज में कोई परेशानी न हो।
अमर उजाला के कालम कोरोना के योद्धा के लिए मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव और फिजिशियन डॉ. एके सिंह का कहना है कि जिस तरह संक्रमण बढ़ता जा रहा है वो चुनौती तो है ही लेकिन सजगता के माध्यम से इसको जीता जा सकता है। इसी उद्देश्य के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जा रहा है।
संक्रमण के दौर में सावधानी ही बचाव
अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव का कहना है कि संक्रमण के दौर में सावधानी ही एकमात्र बचाव है। इस तरह के महामारी में जितनी ही सजगता और सावधानी बरती जाएगी उतना ही बेहतर होगा। रोजाना चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ के साथ बातचीत और वार्ड में भर्ती मरीजों की सुरक्षा सतर्कता का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग कर मरीजों को कोरोना से बचाव की अपील भी की जा रही है।
अस्पताल और घर हर जगह बरत रहे सतर्कता
फिजिशियन डॉ. एके सिंह का कहना है कि बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। पहले तो कोशिश यही करना चाहिए कि जितना हो सके घर में रहें, लेकिन अगर बाहर निकल भी रहे हैं तो नाक और मुंह के साथ ही आंखों को भी ढककर रखना जरूरी है। कोरोना वायरस को हराना नामुमकिन नहीं है। मरीजों के इलाज और घर रहने के दौरान भी संक्रमण से बचने के लिए सतर्कता सहित हर उपाय किए जा रहे हैं।