अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। मुम्बई से गोरखपुर को चली ट्रेन राउरकेला पहुंच जा रही तो वहीं निजामुद्दीन से वाराणसी को चली ट्रेन प्रयागराज आकर लख़नऊ स्टेशन पहुंच गई। रविवार की दोपहर में ही ट्रेन को वाराणसी पहुंचना था लेकिन यह ट्रेन रात 10 बजे के बाद कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची। गड़बड़ी सामने आने के बाद लखनऊ ट्रैक से ट्रेन को वापस वाराणसी भेजा गया था। भूख-प्यास से बेहाल श्रमिकों को मंडुवाडीह स्टेशन न उतारकर कैंट स्टेशन पर भोजन व पानी उपलब्ध कराया गया। निजामुद्दीन से 04052 स्पेशल ट्रेन 1500 श्रमिकों को लेकर वाराणसी के लिए 23 मई की दोपहर रवाना हुई। यह ट्रेन 24 की सुबह प्रयागराज स्टेशन पहुंची। दोपहर डेढ़ बजे इस ट्रेन को मंडुवाडीह स्टेशन पहुंचना था। जब ट्रेन नहीं पहुंची तो रेल अधिकारियों ने पता लगाना शुरू कराया। मालूम चला कि यह ट्रेन प्रयागराज से लखनऊ स्टेशन पहुंच गई। इसके बाद फिर लख़नऊ से ट्रेन को वाराणसी के लिए रवाना किया गया। भदोही होते हुए यह ट्रेन रात 10 बजे मंडुवाडीह स्टेशन पहुंची। यहां भोजन पानी का इंतजाम न होने के कारण रात में ट्रेन को कैंट रेलवे स्टेशन भेजा गया। यात्रियों ने बताया कि 18 से 20 घन्टे भूख प्यास से बेहाल रहे।