वाराणसी। जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। शहर के पॉश इलाकों से लेकर अपार्टमेंट में रहने वाले लोग संक्रमित हो रहे हैं। इन सबके बीच आश्चर्यजनक यह है कि अन्य इलाकों के मुकाबले मलिन बस्तियों में कोरोना संक्रमण काफी कम मिला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन दिन तक विशेष अभियान चलाकर शहरी और ग्रामीण इलाकों की मलिन बस्तियों में करीब 3,543 लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनकी जांच रिपोर्ट में केवल 14 लोग संक्रमित मिले हैं। चिकित्सक इसके पीछे कोरोना से बचाव के प्रति सजगता, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का प्रयोग करने को वजह बता रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, स्कूलों सहित अलग-अलग इलाकों में लोगों की कोविड जांच की जा रही है। इसी क्रम में 19 से 21 नवंबर तक जिले में मलदहिया, दुर्गाकुंड, नदेसर सहित अन्य जगहों की मलिन बस्तियों में कुल 3,543 लोगों का सैंपल लेकर आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में केवल 14 लोग ही संक्रमित मिले हैं।
क्या कहते हैं चिकित्सक
मलिन बस्तियों में हुई कोविड जांच में केवल 14 लोग संक्रमित मिले हैं। इसकी वजह लोगों की सजगता, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और कम से कम बाहर निकलना ही मानी जा सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर यह भी कहा जा सकता है कि मलिन बस्तियों में रहने वालों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक हैं। जहां संक्रमित मिले हैं, वहां एक ही परिवार के पांच सदस्य हैं। -डॉ. एसएस कन्नौजिया, जिला सर्विलांस अधिकारी
लोग जितना कोविड प्रोटोकाल का पालन करेंगे उतना ही संक्रमण का खतरा कम रहेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है, उनके शरीर में एंटीबॉडी अधिक है, केवल यही कहना ठीक नहीं है। ज्यादा संभावना है कि लोग कम से कम बाहर निकल रहे होंगे और मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे होंगे। -डॉ. एके मौर्या, एडिशनल सीएमओ
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एक नजर में आंकड़ा
डेट सैंपल संक्रमित
19 नवंबर 1058 02
20 नवंबर 1215 05
21 नवंबर 1270 07