डीएम ने बताया कि कोविड टीकाकरण कार्य में लापरवाही बरतने और आदेश की अवहेलना मिलने पर उक्त विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि अपना जवाब तत्काल दें। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर निलंबन के साथ ही विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के अनुसार आपराधिक कार्यवाही भी होगी।
वाराणसी में किशोरों का टीकाकरण
- फोटो : अमर उजाला
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कोविड प्रमाणपत्र के बिना अब छात्र परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाएंगे। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को कोविड टीकाकरण का प्रमाणपत्र विभागाध्यक्ष या संकायाध्यक्ष के कार्यालय में परीक्षा फार्म भरने से पहले जमा करना जरूरी होगा। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
काशी विद्यापीठ प्रशासन ने विद्यार्थियों का शत प्रतिशत टीकाकरण कराने के उद्देश्य से नया फरमान जारी कर दिया है। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार अब छात्र बिना कोविड टीकाकरण प्रमाणपत्र के परीक्षा फार्म नहीं भर सकेंगे।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवरत्न सिंह ने बताया कि 14 जनवरी से 16 जनवरी तक 15 वर्ष से 18 वर्ष तक की आयु के विद्यार्थियों को कोविड का टीका विश्वविद्यालय के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगाया जा रहा है। विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों को भी इस संदर्भ में निर्देश दे दिए गए हैं कि वे अपने यहां सभी विद्यार्थियों को टीका लगवाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें।