एमएस ने लिखा है पुलिस को पत्र, निदेशक, रजिस्ट्रार के भी हैं हस्ताक्षर
नर्सिंग ऑफिसरों के इमरजेंसी गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को लेकर अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता की ओर से लंका पुलिस को पत्र भेजकर कोविड महामारी अधिनियम का हवाला देते हुए धरना देने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई है। साथ ही यह भी कहा है कि धरने से कोरोना मरीजों के साथ ही इमरजेंसी आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस को जो पत्र भेजा गया है, उसमें आईएमएस डायरेक्टर प्रो. बीआर मित्तल के साथ ही रजिस्ट्रार नीरज त्रिपाठी के भी हस्ताक्षर हैं। हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में अब तक कोई कार्यवाही न किए जाने से भी कई तरह के सवाल भी खड़े होने लगे हैं।
नर्सिंग ऑफिसर का आरोप- जांच में दी गई जानकारी का जिक्र नहीं
एमएस पर पिटाई का आरोप लगाने वाले नर्सिंग आफिसर अरविंद कुमार ने रजिस्ट्रार को लिखे गए पत्र में बताया कि उन्होंने जांच कमेटी के सामने जो जानकारी दी थी, उसे लिखा नहीं गया है। यही नहीं तीन साथियों के बयान भी लेने को कहा गया था लेकिन उनके नाम नहीं लिखे गए। अरविंद ने दूसरी निष्पक्ष जांच कमेटी गठित करने की मांग की है। इसकी कॉपी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, शिक्षा मंत्री, कुलपति समेत अन्य लोगों को भी दी गई है।