यही हाल होटल, कैटरिंग और बैंड बाजा का भी हाल है। लोगों का कहना है कि शादी की तैयारी में कम से कम दो माल लग जाते हैं। कार्ड छपवाने और सामान की खरीददारी से लेकर अन्य तैयारियां भी करनी होती हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते कुछ नहीं कर सकते हैं।
जून तक शादी सहित अन्य मांगलिक कार्यों के आर्डर निरस्त कर दिए गए हैं। धंधा खत्म हो गया। कारीगर आदि सब चले गए हैं। जून के बाद नवंबर में लगन पड़ेगी। यह संकट की घड़ी है।
शरद श्रीवास्तव, कैटरिंग कारोबारी
एक लगन में करीब 10 हजार शादियां होती हैं। शादी की बुकिंग निरस्त करने के लिए हर दिन फोन आ रहे हैं। इस लगन की पांच हजार से अधिक शादियां आगे बढ़ा दी गईं। अब तो नवंबर से ही उम्मीद है। अनिल सिंह पटेल, अध्यक्ष, वाराणसी लान मैरिज व्यापार मंडल
पिछले दो दिनों में 10 आर्डर कैंसिल हो गए। यह आर्डर अप्रैल अंतिम सप्ताह से लेकर मई तक के थे। अन्य साथियों के भी आर्डर कैंसिल हो रहे हैं। स्थिति को देखकर नहीं लगता कि इस लगन में कोई शादी होगी।
बाबू, बैंड संचालक
जून तक के होटल और बैंक्वेट के आर्डर कैंसिल हो गए। यही दो-ढाई महीने कमाई के थे। इस समय तो लोग यही कामना कर रहे हैं कि कैसे सुरक्षित रहें। इस आपदा से संभलने में 6-7 माह लग जाएंगे। गोकुल शर्मा, महामंत्री, बनारस होटल एसोसिएशन