वाराणसी। बीएचयू में भर्ती 80 कोरोना मरीजों को जो आयुर्वेदिक औषधियां दी गईं थीं, उसके पहले चरण का ट्रायल पूरा हो चुका है। जिसमें सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद दूसरे चरण का ट्रॉयल शुरू होने वाला है।
आईसोलेशन वार्ड में भर्ती जिन संक्रमितों को दवाइयां दी गईं थीं। उनके शरीर में न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि उन्हें बुखार और सांस लेने में तकलीफ संबंधी परेशानी कम हुई और भूख भी बढ़ने लगी है। आयुर्वेद संकाय के डॉ. पीएस व्याडगी के साथ आयुर्वेद संकाय में वैद्य सुशील दुबे, प्रो.वाईबी त्रिपाठी, न्यूरोलॉजी से डॉ. आरएन चौरसिया, ईएनटी से डॉ. विश्वंभर नाथ सिंह, डॉ. एके द्विवेदी, डॉ. केएन द्विवेदी आदि इस कार्य मे लगे रहे। डॉ. व्याडगी ने बताया कि आईसोलेशन वार्ड में भर्ती 80 मरीजों को आयुर्वेदिक औषधि पंचगव्य घृत, गोजिह्वादी क्वाथ, शिरीषादी क्वाथ, शुंठी चूर्ण और संजीवनी बटी आयुर्वेद चिकित्सकों की देखरेख में दिया गया था। इसमें से आधे से अधिक मरीज डिस्चार्ज होकर घर जा चुके हैं। बताया कि मरीजों का फॉलोअप किया गया, जिससे कि दवा का असर पता चल सके। बताया कि अभी जो परिणाम आए हैं उसमें मरीज को सर्दी, खांसी, जुकाम से राहत के साथ ही भूख बढ़ना, कमजोरी दूर होना, गले मे खरास कम होना भी परिणाम में मिला है। मरीजों को किसी तरह का कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हुआ। अब दूसरे चरण में भी 80 मरीजों को दवाएं दी जाएंगी।
दो ग्रुप में मरीजों को दी गई दवा
पहला ग्रुप: गोजिह्वादी क़्वाथ- 30 एमएल दिन में दो बार संजीवनी बटी- 350 एमजी दिन में दो बार पञ्चगव्य घृत-10 ग्राम दिन में दो बार शुंठी चूर्ण- दो बार एक-एक ग्राम
दूसरा ग्रुप: श्रीशादी क्वाथ 40 एमएल दिन में दो बार संजीवनी बटी- 350 एमजी दिन में दो बार पञ्चगव्य घृत-10 ग्राम दिन में दो बार शुुंठी चूर्ण- दो बार एक-एक ग्राम