इंडिया हाइपरटेंशन कंट्रोल इनीशिएटिव (आईएचसीआई) के तहत सीएमओ आफिस में शुक्रवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों को उच्च रक्तचाप से होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित किया गया। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि कोरोना काल के दौरान उच्च रक्तचाप के मामले बढ़े हैं। ऐसे में इस कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे मरीज की नियमित जांच की जानी चाहिए। साथ ही 2025 तक उच्च रक्तचाप से होने वाली मृत्यु दर में 25 प्रतिशत की कमी और उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में लाना ही लक्ष्य है। गैर संचारी रोगों के नोडल अधिकारी डॉक्टर पीपी गुप्ता ने बताया कि गैर संचारी रोगों से होने वाली मौतों में उच्च रक्तचाप बहुत बड़ा कारण है और यह एक साइलेंट किलर है। डॉक्टर अभिनव ने उच्च रक्तचाप के मरीजों की स्थिति में सुधार लाने के लिए अस्पताल में 30 साल से अधिक मरीजों की जांच को जरूरी बताया। इस दौरान आराजीलाइन के चिकित्सा अधिकारी डाक्टर अभिषेक ने प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए ड्रग प्रोटोकाल की जानकारी दी। प्रशिक्षण में डॉक्टर ललिता, डॉ. डीपी सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।