इसमें अधिकांश लोगों ने दूसरे देश जाते समय कनेक्टिंग फ्लाइट चीन के एयरपोर्ट से होने की वजह से वहां के एसरपोर्ट पर कुछ घंटे बिताए थे। हालांकि ये एयरपोर्ट कोरोना वायरस संक्रमित वुहान शहर से कई सौ किमी दूर है। भारत आने पर सभी की जांच कराई गई है। किसी में कोरोना को कोई लक्षण नहीं मिला है। कुछ लोग जिले में है तो कुछ लोग काम से दिल्ली या अन्य शहर में रह रहे हैं।
14 लोगों में एक एमबीबीएस का छात्र है जो हाल ही में एक फरवरी को लौटा है। उसकी जांच की गई। कोई लक्षण नहीं मिला है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे घर में एक कमरे में रखकर नजर रख रहा है। स्थानीय सीएचसी प्रभारी को उसका प्रतिदिन का फालोअप कर रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है।
कौन कहां गया और कब लौटा
मिर्जापुर के चुनार कोतवाली क्षेत्र निवासी एक छात्र चीन के हिवेयी मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया था। वह एक फरवरी को लौटा है। उसकी जांच की गई। कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला है। मेडिकल कालेज वुहान शहर से सैकड़ों किमी दूर है। अहरौरा निवासी युवक चीन के बिजिंग में असिस्टेंट प्रोफेसर है। वह 16 जनवरी को लौटा है।
बाकी शहर , कटरा और विंध्याचल क्षेत्र के रहने वाले लोग अपने साथी और परिवार के साथ आस्ट्रेलिया के मेलबर्न, न्यूजीलैंड या अन्य देश में घूमने गए थे। फ्लाइट चीन से कनेक्टिंग होने के कारण कुछ घंटों के लिए चीन के हवाई अड्डे पर रुके थे। शहर कोतवाली वाले 20 जनवरी, विंध्याचल वाले एक जनवरी, कटरा कोतवाली क्षेत्र वाले 20 जनवरी को चीन से लौटे हैं।
मंडलीय अस्पताल में बनाया वार्ड
कोरोना वायरस के अलर्ट के मद्देनजर मंडलीय अस्पताल में एक अलग वार्ड बनाया गया है। यह वार्ड पूर्व में डेंगू और अन्य गंभीर रोगों के लिए बनाया गया था। छह बेड के वार्ड में मच्छरदानी और अन्य सुविधाएं हैं। फिलहाल जिले में कोरोना वायरस का कोई मरीज नहीं मिला है।
चीन से लौटा युवक पहुंचा अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
छात्र की मां को दी गई छुट्टी
मिर्जापुर। चीन के हिवेयी शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्र के लौटने पर उसकी जांच करने के बाद किसी लक्षण के न मिलने पर एहतियात के तौर पर घर के एक कमरे में रखा गया है। उसकी मां एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स है। सीएमओ ने उसे भी 10 दिन की छुट्टी दे दी है। क्षेत्र के सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन उसका फालोअप कर सीएमओ कार्यालय को अवगत कराएं।
बनाई गई है रैपिड रिस्पांस टीम
स्वास्थ्य विभाग की टीम से रैपिड रिस्पांस टीम बनाई गई है। इसमें एसीएमओ डा. अरुण को नोडल बनाया गया है। टीम में पैथालाजी डा. राजन, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डा. अरुण वर्मा, डब्ल्यूचओ के डा. प्रवीन तिवारी, यूनिसेफ के गणेश पांडेय को रखा गया है। टीम को पैथालाजी उपकरण, परसनल प्रोटेक्शन कीट, एन-95 मास्क त्रिपल लेयर का उपलब्ध कराया गया है।
इन हेल्प लाइन नंबर पर लें जानकारी
चीन से लौटने के बाद या ऐसे लोगों से संपर्क में आने के बाद 26 दिन के भीतर अगर आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसी कोई भी समस्या हो तो तुरंत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर 91-11-23978046 पर फोन करें।
जिले के 14 लोग चीन से लौटे हैं। इसमें अधिकांश लोग काफी पहले भारत आए है। किसी में कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया है। हाल ही में एक छात्र आया है। वह स्वस्थ है, उसे 14 दिनों तक निगरानी में रखा गया है।
डा. ओपी तिवारी, सीएमओ।