एजेंसी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते उपभोक्ता।
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दुकानदार अब कोयला की जलाने लगे भट्टी
बेल्थरारोड। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में गैस का वितरण ओटीपी के माध्यम से किया जा रहा है। बिना ओटीपी के गैस का वितरण पूरी तरह से बंद है। बाजार में चाट, पकौड़ी, ममोस,समोसे बनाने वाले छोटे ठेला दुकानदार कहीं से गैस की व्यवस्था कर रहे है तथा कुछ दुकानदार अपनी दुकान बंद कर दिए है और कुछ स्थाई दुकानदार कोयला का चूल्हा बनाकर अपना दुकान किसी तरह से चला रहे हैं।
दुकानदारों का कहना है कि पहले कोयला 22 रुपये किलो था। गैस की किल्लत बढ़ने से कोयला के कीमत में बढ़ोतरी हो गई है तथा लकड़ी का दाम भी बढ़ा है। उपजिलाधिकारी शरद चौधरी ने बताया कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बराबर वितरित किया जा रहा है। गैस की अभी कोई कमी नहीं है। कहा कि बिना ओटीपी के गैस किसी को नहीं दिया जा रहा है।
बुकिंग में अड़चन, उपभोक्ता परेशान
पूर। क्षेत्र में रसोई गैस की आपूर्ति भले ही एजेंसियों तक सामान्य होने लगी है, लेकिन सिलिंडर बुकिंग की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर बुक कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बुकिंग के लिए संबंधित कंपनियों के नंबर पर 24 घंटे पहले मिस्ड कॉल करना अनिवार्य हो गया है। इसके बावजूद बुकिंग सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। कंपनियों की ओर से 24 घंटे के भीतर डीएसई कोड भेजने की बात कही जाती है, लेकिन कई उपभोक्ताओं को चार-पांच दिन बाद भी कोड नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा।
अधिक सदस्य वाले परिवारों की बढ़ी परेशानी
गैस बुकिंग की समस्या का सबसे अधिक असर बड़े परिवारों पर पड़ रहा है। जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक है, उन्हें हर महीने कम से कम दो सिलिंडर की जरूरत होती है। कई परिवारों ने दो सिलिंडर का कनेक्शन भी ले रखा है, लेकिन वर्तमान स्थिति में एक सिलिंडर की बुकिंग भी समय पर नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग करने पर कंपनियों की ओर से संदेश मिलता है कि अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव है। ऐसे में मजबूरी में लोगों को लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक साधनों का सहारा लेकर खाना बनाना पड़ रहा है।
गैस सिलिंडर के लिए उमड़ी भीड़, एजेंसियों पर कतारें
चितबड़ागांव कस्बे की दोनों गैस एजेंसियों पर इन दिनों गैस सिलेंडर लेने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से लेकर शाम तक उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई लोगों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
भीड़ अधिक होने के कारण एजेंसी परिसर में अव्यवस्था का माहौल बना रहता है। वहीं, आए दिन उपभोक्ताओं और एजेंसी संचालकों के बीच कहासुनी (की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और वितरण व्यवस्था को सुचारू किया जाए, तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
जिले में लगातार गैस सिलिंडर सभी कंपनियों के आ रहे हैं। गैस सिलिंडर की कमी नहीं है। कुछ तकनीकी दिक्कतों से उपभोक्ताओं की बुकिंग नहीं हो रही है। इसके लिए कंपनियों को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल सिलिंडर का वितरण उपलब्धता के अनुसार किया जा रहा है। - देव मणि मिश्रा, डीएसओ।