फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दीक्षांत में बोले बिड़ला- यूपी में निवेश बढ़ाएंगे, अगले 25 साल भारत के लिए निर्णायक; आईआईटियंस से बातचीत

Sun, 01 Nov 2026 12:27 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश से लगाव है और यहां निवेश बढ़ाएंगे। अगले 25 साल भारत के लिए निर्णायक होंगे। आईआईटी के दीक्षांत समारोह में उन्हें डीएससी की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इससे पहले 22 साल पूर्व उन्हें डी.लिट. की मानद उपाधि मिली थी।
विज्ञापन
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईआईटी बीएचयू के 15वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि हमारा यूपी से बहुत लगाव रहा है। प्रदेश में कई उद्योग चल रहे हैं। आगे भी यहां नए निवेश करने की योजना है। वर्तमान पीढ़ी के पास देश के विकास में सहयोग देने का बहुत बड़ा मौका आया है। 

विज्ञापन


वैसा मौका हमें या हमारी पूर्व पीढ़ी को कभी नहीं मिला। आने वाले 25 साल निर्णायक होंगे जो भारत की वैश्विक पहचान को बदल सकते हैं। आप तैयार हो जाएं, ऐसा कोई एल्गोरिद्म नहीं है जो आपकी मेहनत को विफल कर दे। 

डीएससी की मानद उपाधि मिली, 2004 में डीलिट की उपाधि मिली थी : आईआईटी बीएचयू में 22 साल के बाद दूसरी बार दीक्षांत में पहुंचे कुमार मंगलम बिड़ला को डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि दी गई। इससे पहले उन्हें 2004 में बीएचयू ने डीलिट की उपाधि दी गई थी। 
विज्ञापन


मंच पर तेजस फाइटर के जनक और बोर्ड ऑफ गवर्नर के अध्यक्ष डॉ. कोटा हरिनारायण, बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित कुमार पात्रा और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र पांडेय ने उन्हें सम्मानित किया।

Trending Videos

मिनट के भाषण में युवाओं को मिले कामयाबी के पांच मंत्र
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में शनिवार को कुमार मंगलम ने 15 मिनट तक दीक्षांत भाषण में कहा कि कामयाबी पाने के लिए तैयारियां शुरू कर दें। रास्ते बन चुके हैं। उन्होंने पांच आसान मंत्र भी बताए। तकनीक, युवा आबादी, एआई, उद्यमिता और महत्वाकांक्षाएं कई बड़े मौके पैदा करेंगी जिसकी कल्पना पिछली पीढि़यों ने नहीं की होंगी। कोई एल्गोरिद्म ऐसा नहीं है जो आपकी मेहनत को खराब कर दे।

फिल्मी डायलॉग को जिंदगी के इर्द-गिर्द बताया : चेयरमैन ने मेडलिस्ट को समझाने के लिए फिल्मों के डायलाॅग बोले। कहा, रिस्क है तो इश्क है, ‘अपना टाइम आएगा’ और ‘जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं’। भले ही ये फिल्मी डायलॉग हों लेकिन कई सफल उद्यमियों की जिंदगी इसके इर्द-गिर्द रही है। इन्हें सफलता मिली क्योंकि इनके पास अपने फैसले खुद लेने का साहस था। जोखिम उठाए बिना कुछ बड़ा हासिल नहीं होगा।

अरबपति लैरी फिंक की असफलता, अंत नहीं शुरुआत थी : चेयरमैन ने अमेरिकी अरबपति लैरी फिंक के कॅरिअर और ब्लैकरॉक कंपनी की स्थापना में आई व्यावसायिक असफलता का उदाहरण दिया। प्रोफेशन में आगे बढ़ने के लिए चुनौतियों को स्वीकार करें। असफलता अंत नहीं शुरुआत है। पूरे जीवन सीखना अब सिर्फ एक आकांक्षा नहीं, बल्कि सफलता और प्रासंगिक बने रहने की सबसे बड़ी जरूरत है।
विज्ञापन

मौके आएं तो सिर्फ सुरक्षित रास्ता ही न खोजें : उन्होंने कहा कि एआई के दौर में अब काम करने के तरीकों में बड़ा बदलाव लाने वाला है। ऐसे में सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत होने से कुछ बड़ा नहीं होगा। लोगों की संवेदनाओं, हर विषय की समझ और परिस्थिति को देखकर फैसले लेने वाला आगे जाएगा। जब जीवन में मौके और विकल्प सामने आएं, तो सुरक्षित रास्ता न चुनें, बल्कि साहस और जोखिम लेकर अलग रास्ते पर चलें। आपको हमेशा जिज्ञासु बने रहना है। अपनी उपलब्धियों पर गुमान के बजाय विनम्रता बनाए रखें। दूर दिखाई देने वाली चुनौतियों से डरना नहीं है।

लूज सेंस ऑफ वंडर, आलवेज कीप दैट हंगर : भाषण के अंत उन्होंने अमेरिकी सिंगर वोमेक ली के गाने को अपने जीवन का मार्गदर्शक बताया। इसे अपनाने की बात कही। उनकी लाइनें थीं - आई हो यू नेवर लूज सेंस ऑफ वंडर, यू गेट योर फिल टू ईट, बट आलवेज कीप दैट हंगर....।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें