पंचायत सचिवालय भवन की नवनिर्मित सीढ़ी अचानक भरभराकर गिर गई। जिसके बाद सवाल खड़े होने लगे। गनीमत ये रही कि इसके नीचे बच्चे नहीं थे वरना हादसा बड़ा हो जाता। प्रशासनिक अमले से जांच की मांग की जा रही है।
चिरईगांव विकास खण्ड में ग्राम पंचायत चिरईगांव के कम्पोजिट विद्यालय परिसर में नवनिर्मित पंचायत सचिवालय भवन की सीढ़ी बुधवार को दोपहर बाद अचानक भरभरा कर जमीदोंज हो गई। सार्वजनिक अवकाश होने के कारण विद्यालय बंद था फिर भी भवन के कमरे में गांव के कुछ बच्चे खेल रहे थे। गनीमत रही की बच्चे बाल बाल बच गए।
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पिछले 20 दिन पूर्व बनकर तैयार हुए भवन से कुछ दिन पूर्व बॉस- बल्ली,पटरा निकाला गया था। मौके पर मौजूद राकेश मौर्य, भानु प्रसाद, कुश मौर्य ,विद्या सागर मौर्य इत्यादि ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण में मानकों की अनदेखी का परिणाम है कि निर्माण के बर्फ एक सप्ताह तक सीढ़ी टिक नहीं पाई है। भवन निर्माण में धांधली की गई है इसकी जांच होनी चाहिए।
हालांकि जांच के बाद ही सीढ़ी गिरने के कारण का पता चल पाएगा।लेकिन ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यो में मानक की अनदेखी और वित्तीय अनियमितता पर लगाम लगने का नाम नहीं ले रहा है।जबकि विकास खण्ड की तीन ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितता पाए जाने के कारण सम्बंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी ने रोक लगा दिया है।इसके अलावा कई ग्राम पंचायतों में जांच चल रही है जिसमें ग्राम पंचायत चिरईगांव भी शामिल हो जाएगा।