गो तस्करी में वांछित बर्खास्त सिपाही सुशील मिश्रा को रविवार को वाराणसी की मिर्जामुराद थाने की पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने सुशील को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। 28 सितंबर 2018 को मिर्जामुराद थाने की जीप के चालक आफाक हैदर अली और पशु तस्कर की बातचीत की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल हुई थी।
वायरल क्लिप में पैसे के लेनदेन की बात कर मवेशियों से भरे वाहन पास कराने की बात की गई थी। इसे लेकर मिर्जामुराद थाने में मुकदमा दर्ज कर चालक आफाक हैदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके साथ ही तत्कालीन इंस्पेक्टर मिर्जामुराद विश्वजीत प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया था।
जांच के दौरान बर्खास्त सिपाही सुशील मिश्रा का नाम प्रकाश में आया था। 18 नवंबर 2019 को सुशील के ऊपर एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। इंस्पेक्टर मिर्जामुराद सुनील दत्त दूबे ने बताया कि शनिवार को प्रयागराज की एसटीएफ के अतुल कुमार व केशवचंद्र और खजुरी चौकी इंचार्ज अनिल कुमार साहू की टीम ने सुशील मिश्रा को उसके गांव से गिरफ्तार किया। लॉकडाउन में वह अपने घर में ही छुप कर रह रहा था। रविवार को उसे जेल भेजा गया।