लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में स्थानीय स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। कांग्रेस हाईकमान ने पूर्वांचल के चार जिलों सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी तीन जिलों के फ्रंटल संगठनों में बदलाव की तैयारी कर ली है।
पूर्वांचल से वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही और मऊ में प्राथमिकता के आधार पर बड़े बदलाव होंगे। हाईकमान को मिले फीडबैक के तहत इन सभी जिलों में फ्रंटल संगठन व प्रकोष्ठ ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। बदलाव के लिए युवा और सक्रिय सदस्यों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
लोकसभा चुनाव में यूपी की कुल 80 संसदीय सीटों में से पूर्वांचल में 27 सीटें हैं और इनमें से एक भी सीट कांग्रेस के पास नहीं है। इतना ही नहीं अगर बात 2014 के लोकसभा चुनाव की करें तो इन सभी 27 सीटों पर ज्यादातर कांग्रेस प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा सके थे।
लोकसभा के बाद 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को कुछ खास हासिल नहीं हो पाया। ऐसे में अब हाईकमान ने पूर्वांचल के चार जिलों के फ्रं टल संगठनों में फेरबदल करने का मन बना लिया है।
हाईकमान के रुख से प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने इलाकाई नेताओं को वाकिफ भी करा दिया है।