वाराणसी के कलक्ट्रेट परिसर के पश्चिमी प्रवेश द्वार और एसएसपी ऑफिस के सामने रखी चौकियां (बैठने के तख्त और कुर्सियां) हटाए और गायब किए जाने से नाराज अधिवक्ताओं ने सोमवार को कचहरी परिसर में जमकर उपद्रव किया। चौकियां हटाने के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ को कसूरवार बताते हुए अधिवक्ताओं ने उनके न्यायालय में घुसकर तोड़फोड़ की और कुर्सियां व आलमारी पलट दी।
इसके बाद डीएम आफिस में रखे गमले पटक दिए और चटाई नोंच कर फेंकने के साथ ही अन्य कार्यालयों की कुर्सियां और टेबल पलट दी। अधिवक्ताओं का उग्र रूप देख आननफानन में कलेक्ट्रेट के सभी कार्यालय और न्यायालय बंद कर दिए गए। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। अधिवक्ताओं ने चेताया है कि मंगलवार तक चौकियां नियत स्थान पर वापस नहीं रखी गईं तो आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
सीतापुर में अधिवक्ताओें के उत्पीड़न के मसले पर बनारस और सेंट्रल बार ने पहले से हड़ताल का आह्वान किया था। इससे पहले प्रशासनिक अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के पश्चिमी गेट के समीप की अधिवक्ताओं की चौकियां उन्हें बिना जानकारी दिए हुए हटा दी थी। बगैर जानकारी के चौकियां हटाए जाने पर अधिवक्ता आंदोलित हो गए और उपद्रव शुरू कर दिए।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और रायफल क्लब के सामने रोते हुए अंतिम संस्कार किया। साथ ही, डीएम पोर्टिको में जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि अगर उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रकरण को लेकर सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन की मंगलवार को संयुक्त बैठक बुलाई गई है। उधर, मामले को तूल पकड़ता देख दो सीओ और दस थानेदारों के साथ एडीएम सिटी और एसपी सिटी कचहरी परिसर में मौजूद रहे। इस दौरान डीएम सुरेंद्र सिंह और एसीएम चतुर्थ गौरव सोगरवाल कार्यालय से बाहर बताए गए।