गविष्ठि यात्रा के प्रमुख संकल्पों में गोमाता को ‘राज्यमाता’ और ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक गोधाम की स्थापना, हिंदू समाज को ‘गोमतदाता’ बनने के लिए प्रेरित करना, हर गांव और मोहल्ले में पांच-पांच ‘गो वीरों’ की नियुक्ति कर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना शामिल है। इसके अलावा विधानसभा स्तर पर संचालित गोशालाओं और बूचड़खानों का आकलन कर उनकी स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा पूर्वांचल से शुरू होकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए लखनऊ पहुंचेगी। 24 जुलाई को लखनऊ स्थित कांशीराम सांस्कृतिक स्थल (स्मृति उपवन) में भव्य सभा के साथ इसका समापन होगा, जिसमें प्रदेशभर से लाखों गो-भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक संरक्षण का अभियान भी है, जिसका उद्देश्य गोरक्षा के प्रति जनभावना को मजबूत करना और इसे एक व्यापक जनआंदोलन का रूप देना है।