आजमगढ़ से वाराणसी मार्ग (एनएच 233) पर फोरलेन के निर्माण में जिन किसानों की जमीन गई है, इससे प्रभावित किसान रविवार को सड़क पर उतर और विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि मुआवज अब तक नहीं मिला। किसान नए रेट से मुआवजे की मांग पर अड़े थे। चोलापुर ब्लाक के सैकड़ों किसानों ने घंटेभर काम को रोक दिया और मुआवजे की मांग पर अड़ गए।
मुआवजे के लिए ग्राम पंचायत पहाड़पुर, कपिशा, महमूदपुर, रसड़ा से जुड़े सैकड़ों किसानों ने बाईपास निर्माणाधीन कार्य का विरोध किया और मुआवजे बढ़ाने की मांग पर आंदोलन जारी रखने का प्रस्ताव पारित किया। मुआवजा नहीं मिलने से किसानों में भी रोष व्याप्त है।
रसडा के किसान वीरेंद्र सिंह, रामलखन, महमूदपुर के महेंद्र पाल, रसडा के बुच्चन यादव ने बताया कि किसानों की भूमि का मुआवजा कपिशा, रसड़ा और महमूद पुर में अलग-अलग भुगतान किया गया है जबकि नियमावली की सूची में सभी रेट बराबर के लगाए गए हैं किसानों के साथ धन राशि वितरण में सौतेला व्यवहार किया गया है यदि किसानों का मुआवजा की राशि बढ़ाई नहीं गई तो 15 दिन बाद किसान आंदोलन करेंगे।
जिला पंचायत सदस्य अखिलेश सिंह, रामसेवक, उदय प्रताप ने कहा कि दानगंज से नियार को जाने वाली मार्ग से जुड़ने वाली बाईपास पर पुल का निर्माण नहीं कराया जा रहा है जिससे लोगों को आने जाने में समस्या उत्पन्न होगी यदि पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो जनता के साथ सड़क पर उतरेगी। मौके पर पुलिस ने समझाकर मामले को शांत कराया। वहीं चोलापुर में भी किसानों को अभी मुआवजा नहीं मिला है।
किसानों का आरोप है कि लेखपाल के यहां कागज लेकर दौड़ लगा रहे हैं। लेखपाल इधर-उधर किसानों को घुमा रहे हैं। इससे किसानों में नाराजगी है। चेताया कि उनकी मांग पर अमल नहीं हुआ तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे।