बवाल के दौरान मेयर को घेरकर नारेबाजी करते विपक्षी पार्षद
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव की मांग को लेकर विपक्षी पार्षदों ने शनिवार को सदन में हंगामा कर दिया। पार्षद नारेबाजी करते हुए महापौर की कुर्सी के पास पहुंच गए। इससे नाराज महापौर ने सदन को अनिश्चित कालीन के लिए स्थगित कर दिया।
इससे विपक्ष के पार्षद भड़क गए और उन्होंने महापौर की कुर्सी, टेबल, माइक को तोड़ दिया। महापौर जब जाने लगीं तो सपा और कांग्रेस के पार्षदों ने उनकी गाड़ी के आगे लेटकर नारेबाजी करने लगे। पार्षदों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
इस हंगामें में उनकी गाड़ी का कांच फूट गया और गाड़ी पर झंड़ा टूट गया। इस हंगामे से नाराज महापौर वहां से पैदल ही अपने घर के लिए निकल गईं। रास्तें में भी पार्षदों ने उनको रोककर हंगामा किया तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठियां भांजी और हंगामा कर रहे पार्षदों को गाड़ी में भरकर थाने चली गई।
इससे दूसरी पार्टियों के लोगों ने थाने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। नगर निगम के कार्यकारिणी का चुनाव शनिवार को सांस्कृतिक संकुल में होना था, लेकिन भाजपा पार्षद रोहित जायसवाल की पत्नी की मौत चलते सदन शोक प्रस्ताव रखा गया।
इस दौरान यह बताया गया कि रोहित अग्रवाल इस वजह से चुनाव में मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे। जिस पर विपक्ष के पार्षद नाराज हो गए और जमकर हंगामा किया।
सात मिनट तक ही चली कारवाई
मेयर की मेज, कुर्सी गिराते विपक्षी पार्षद
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कांग्रेस, सपा और बसपा के पार्षद एक साथ इसका विरोध करते हुए नारबाजी करने लगे और अधिकारियों की टेबल तक पहुंच गए। जब उनको बैठने के लिए कहा गया तो महापौर मृदुला जायसवाल के पास पहुंचकर घेर लिया और चुनाव कराने की मांग करने लगे।
इस विरोध के बाद महापौर ने सदन की कार्रवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करके वहां से उठ गईं। जैसे ही वह गईं। विपक्ष के पार्षदों ने कुर्सियों को उठा-उठाकर फेंकना शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे पार्षदों ने माइक भी तोड़ दिया।
करीब सात मिनट तक ही चली कारवाई से पूरे सदन में हंगामा मच गया। किसी तरह भाजपा पार्षदों ने सुरक्षा के बीच उनको सदन से बाहर निकाला, लेकिन विपक्ष के पार्षद चुनाव कराने की मांग को लेकर अड़े रहे।
जब महापौर अपनी गाड़ी में बैठी तो वे उनके वाहन के आगे लेट गए, बचाव में पहुंचे भाजपा के पर्षदों के साथ कांग्रेस और सपा के पार्षद के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। इस धक्का मुक्की में महापौर की गाड़ी के आगे का कांच फूट गया और झंडा तोड़ दिया।
विपक्ष के लोगों ने की बदसलूकी
मेयर की कुर्सी गिराते विपक्षी पार्षद
- फोटो : अमर उजाला
महापौर गाड़ी में से उतरकर वापस सांस्कृतिक संकुल में एक पेड़ के नीचे आकर खड़ी हो गई, लेकिन विपक्ष के लोग वहां भी नहीं माने और हंगामा करते हुए बदसलूकी करने लगे।
इससे नाराज महापौर पैदल ही घर के लिए निकल पड़ी। इसके बाद भी आगे आगे सपा और कांग्रेस के पार्षद विरोध करते हुए चल रहे थे। इस आन्दोलन से चौकाघाट रोड पूरा एक घंटे तक जाम रहा।
महापौर भाजपा पार्षदों और पुलिस की सुरक्षा के बीच तेलियाबाग तक पहुंची, लेकिन सपा पार्षदों के हंगामें को देखते हुए पुलिस ने उनको घेर लिया और लाठियां भाजकर उन्हें पकड़ लिया।
हंगामा कर रहे पार्षदों को पुलिस अपनी गाड़ी में बिठाकर कैंट थाने ले आई। वहां भी देर तक हंगामा चलता रहा। देर शाम तक प्रभारी नगर आयुक्त की ओर से तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी गई।