फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोनभद्र: लड़कियों की तस्करी की जांच के लिए बनेगी कमेटी, राज्य महिला आयोग की सदस्य ने अस्पतालों का किया निरीक्षण 

Fri, 18 Jun 2021 11:12 PM IST
हरि User अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

कुछ दिनों पूर्व प्रोबेशन विभाग की टीम ने राजस्थान के एक युवक के चंगुल से किशोरी को मुक्त कराते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज कराया है। पूछताछ के दौरान लड़की ने बताया कि कई लड़कियों को राजस्थान में बेचा गया है।
विज्ञापन
राबर्ट्सगंज में लोक निर्माण विभाग डाक बंगला में प्रेसवार्ता में बोलतीं राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह ने शुक्रवार को सोनभद्र जिले के विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला अस्पताल में बने बच्चों के कोविड वार्ड का जायजा लिया। कहा कि यहां व्यवस्थाएं मुकम्मल हैं। तीसरी लहर से बचने के लिए महकमा पूरी तरह से सतर्क है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता की। कहा कि जिले में नाबालिग लड़कियों की तस्करी के मामले की जांच के लिए एक अलग से कमेटी बनाई जाएगी। 

विज्ञापन


अनीता सिंह ने कहा कि पुलिस और प्रोबेशन विभाग से जुड़े लोगों ने रेस्क्यू कर कई नाबालिग लड़कियों का बाल विवाह रोकने का काम किया है। कुछ दिनों पूर्व प्रोबेशन विभाग की टीम ने राजस्थान के एक युवक के चंगुल से किशोरी को मुक्त कराते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज कराया है। पूछताछ के दौरान लड़की ने बताया कि कई लड़कियों को राजस्थान में बेचा गया है, उसकी बातों में कितनी सच्चाई है, इसकी जांच के लिए अलग से एक टीम गठित की जा रही है। जांच रिपार्ट मिलने पर उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

विज्ञापन

पिछले दिनों मधुपुर में चंदौली की अचेत अवस्था में एक किशोरी मिली थी। जिला अस्पताल में उसकी मौत के बाद बिना शव का पोस्टमार्टम कराए डेथ सर्टिफिकेट जारी करने के सवाल पर राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह ने कहा कि इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से जानकारी ली जाएगी। कहा कि योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। 

अस्पतालों में कोराना से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन भी किया जाएगा। कहा कि कोरोना की तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चों के संक्रमित होने की संभावना जताई जा रही है। इसको देखते हुए राजकीय अस्पतालों में बच्चों के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। सीएमओ स्तर से बच्चों के डॉक्टरों का प्रबंध करने के साथ ही उपचार में प्रयोग होने वाले उपकरणों के क्रय करने की भी कार्यवाही की जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें