पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पहले रवि मौर्य पुत्र राजकुमार मौर्य के नाम से पढ़ाई की थी। इस दौरान उसकी जन्मतिथि पांच जुलाई 1999 दर्ज थी। उसने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई भी इसी विवरण के आधार पर की थी।
आरोपी के अनुसार, बाद में दोबारा पढ़ाई करने के उद्देश्य से उसने अलग विवरण के आधार पर कक्षा आठ की अंकतालिका तैयार कराई। इसमें नाम रवि मौर्य, पिता का नाम सुख्खू मौर्य और जन्मतिथि 10 जुलाई 2004 दर्ज कराई गई।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बदले हुए विवरण वाले अभिलेख का इस्तेमाल कर कक्षा नौ में दोबारा प्रवेश लिया। इसके बाद इसी बदले हुए नाम, पिता के नाम और जन्मतिथि के आधार पर आगे की शैक्षणिक परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं और संबंधित अभिलेख प्राप्त किए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से बरामद छह मार्कशीट इसी बदले हुए विवरण से संबंधित पाई गई हैं। पुलिस बरामद अभिलेखों की जांच कर रही है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।