वाराणसी। राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित मंडल स्तरीय लिंग संवेदीकरण कार्यशाला में लिंगानुपात सुधार के लिए मुखबिर योजना को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। बतौर मुख्य अतिथि मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि लिंगानुपात सुधार की दिशा में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडी) एक्ट का भी कड़ाई से पालन कराने की जरूरत है, जिससे कि बालक-बालिका में भेदभाव जैसे मामलों पर पूरी तरह से रोक लगाया जा सके।
कमिश्नरी सभागार में मंडलायुक्त ने कहा कि मंडल में ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटर जो पंजीकृत नहीं हैं और चोरी-छिपे लिंग निर्धारण का काम कर रहे हैं। इनके विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करना होगा। इसके लिए अधिकारियों को पूरी सजगता के साथ जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए समय-समय पर निर्देशित किया जाता है। इस दौरान इस विषय पर चयनित छात्राओं ने वाद-विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. शशिकांत उपाध्याय, संयुक्त निदेशक डॉ. अंशु सिंह, मंडलीय परियोजना प्रबंधक एके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।