वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रतिदिन करीब 300 से 400 लीटर पेट्रोल और डीजल की बचत होने का अनुमान है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और शहर में प्रदूषण नियंत्रण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अभियान के पहले चरण को कर्मचारियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जिसके बाद अतिरिक्त ई-वाहनों का ऑर्डर भी दिया गया है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को ई-वाहन खरीदने के लिए विभिन्न ई-वाहन कंपनियों और डीलरों से संस्थागत छूट दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से आसान और कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा ई-वाहनों पर दी जा रही सब्सिडी, रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट का लाभ भी कर्मचारियों को मिलेगा।
वीडीए की ओर से मुख्य कार्यालय और विभिन्न जोनल कार्यालयों में ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन भी विकसित किए जा रहे हैं, ताकि कर्मचारियों को चार्जिंग संबंधी किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों का मानना है कि यह अभियान भविष्य में स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।