प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरती जा रही है कि गैस सिलिंडर केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचे। इसके लिए आवेदकों के दस्तावेजों और जरूरत से संबंधित साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। बावजूद इसके, सीमित आपूर्ति के कारण कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
गैस एजेंसियों के बाहर रोजाना लोगों की भीड़ देखी जा रही है। होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालक गैस की कमी से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उनके कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि उन्हें गैस कंपनियों से पर्याप्त मात्रा में सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे वे उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने में असमर्थ हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह ने बताया कि कॅमर्शियल गैस सिलिंडरों की कमी का मुख्य कारण कंपनियों द्वारा पर्याप्त आपूर्ति न किया जाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अधिक से अधिक लोगों तक गैस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जैसे ही आपूर्ति में सुधार होगा, स्थिति सामान्य हो जाएगी। फिलहाल उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने और जरूरत के अनुसार ही सिलिंडर लेने की अपील की गई है।