लहू जिंदगी भी है और रवानी भी। लहू के कतरे-कतरे से जुड़ी है हमारी सांसों की डोर। आज भी समय पर खून न मिल पाने के चलते देशभर में हर साल हजारों लोगों की जानें जा रही हैं लेकिन आपकी पहल से ऐसे तमाम लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है और उनके परिवार वालों के मुरझाते चेहरों पर खिलने वाली मुस्कान का सबब बन सकता है आपका रक्तदान। 26 जुलाई को हम मनाते हैं ‘कारगिल विजय दिवस’।
याद करें 1999 के वे दिन, जब बेशुमार दुश्वारियों के बीच देश की सीमा में घुसे दुश्मनों को मारकर हमारे जांबाज सैनिकों ने खुशी से अपना लहू बहाकर भी देश की माटी का कर्ज अदा किया। उन बहादुर सैनिकों के जज्बे को सलाम करते हुए ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ ला रहा है आपके लिए भी एक मौका अपने देश के लिए, देशवासियों के लिए कुछ सार्थक करने का। उनके लिए अपना लहू देने का मौका, जो खून के अभाव में बेवक्त ही मृत्यु का ग्रास बन रहे हैं। तो आइए उन वीर सपूतों को नमन करते हुए इस ‘पुण्ययज्ञ’ में अपनी आहुति दें और दें लहू देश के लिए...।
समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर समय से खून नहीं मिल पाता है और उनकी जान आफत में पड़ जाती है। ऐसे सभी जरूरतमंदों की जान आप अपना एक यूनिट रक्त देकर बचा सकते हैं। अगर आप ऐसा करना चाहते हैं तो अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कारगिल विजय दिवस यानी 26 जुलाई को बीएचयू के सर सुंदरलाल चिकित्सालय में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर में एक यूनिट रक्त देकर आप पुण्य ही नहीं कमाएंगे, चार लोगों की जान भी बचा सकते हैं।
बता दें कि अमर उजाला फाउंडेशन ने आम लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए बीते कई वर्ष से यह मुहिम चला रखी है। बीएचयू समेत बनारस के सरकारी और निजी अस्पतालों में पूर्वांचल के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और नेपाल आदि जगहों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें बहुत से ऐसे मरीज भी होते हैं, जिन्हें इलाज के लिए एक-दो यूनिट खून की जरूरत पड़ती है। सबसे अधिक समस्या तब होती है, जब उनके साथ कोई डोनर नहीं होता है।