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कोडीन कफ सिरप केस: भगोड़े शुभम की पत्नी वैशाली का गिरफ्तारी वारंट जारी, शराब ठेका में आया था नाम; कार्रवाई

Mon, 05 Oct 2026 09:35 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

कोडीन कफ सिरप मामले में पुलिस ने भगोड़े शुभम की पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जांच में शराब ठेका से जुड़े दस्तावेजों में पत्नी का नाम सामने आया था। मामले में शुभम समेत कई आरोपी पहले ही भगोड़े घोषित किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
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वैशाली जायसवाल और विकास सिंह। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कोडीन कफ सिरप तस्करी के मामले में फरार आरोपियों पर पुलिस और न्यायालय का शिकंजा कसता जा रहा है। मुख्य आरोपी कायस्थ टोला, आदमपुर निवासी शुभम जायसवाल की पत्नी वैशाली जायसवाल उर्फ वैशाली पोसवानी के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस को वैशाली को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया है।

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पुलिस के मुताबिक, कोडीन कफ सिरप की कथित तस्करी से अर्जित रकम और संपत्तियों के मामले में जांच के दौरान वैशाली का नाम भी सामने आया है। जांच में उसके नाम पर शराब ठेका और सिगरा क्षेत्र में संपत्ति समेत अन्य संपत्तियों की जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। शुभम के साथ वैशाली भी फरार बताई जा रही है।

कोतवाली इंस्पेक्टर दया शंकर सिंह ने बताया कि मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वारंट जारी होने के बाद वैशाली की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस की टीमें जगतगंज स्थित उसके घर के अलावा परिचितों और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। न्यायालय के अधिपत्र में वैशाली जायसवाल पत्नी शुभम जायसवाल का पता आदमपुर थाना क्षेत्र के कायस्थ टोला और जगतगंज दर्ज है।

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करीबियों की जानकारी जुटा रही पुलिस
कोडीन कफ सिरप मामले में शुभम जायसवाल के अलावा तीन लोगों की तलाश में एसआईटी और पुलिस टीमें लगी हैं। एसआईटी और पुलिस टीमें आरोपियों के रिश्तेदारों और करीबियों से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र देने के आरोपी फर्म प्रोपराइटर को रोहनिया पुलिस ने किया गिरफ्तार
कोडिन युक्त कफ सिरप सिंडिकेट के सरगना शुभम जायसवाल को फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र देने के आरोपी विकास सिंह को रोहनिया पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया। कायस्थ टोला निवासी विकास सिंह ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपनी फर्म श्यामभवी फार्मा में दो वर्ष काम करने का फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र शुभम को जारी किया था। रांची की शैली ट्रेडर्स के पंजीकरण में इसी अनुभव प्रमाणपत्र का उपयोग हुआ। फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र के आधार पर शैली ट्रेडर्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फेन्साडिल कफ सिरप की तस्करी की है।

डीसीपी वरुणा जोन राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि विवेचना के दौरान सीडीआर और अन्य साक्ष्यों के जरिए सामने आया कि भगोड़े शुभम जायसवाल की शैली ट्रेडर्स फर्म को अनुभव प्रमाणपत्र उसी मोहल्ले के रहने वाले श्यामभवी फार्मा के प्रोपराइटर विकास सिंह ने जारी किया था। यह जानते हुए कि शुभम जायसवाल उसकी फर्म पर कभी कार्यरत नहीं रहा। 
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इस कूटरचित अनुभव प्रमाणपत्र का प्रयोग कर शुभम जायसवाल ने शैली ट्रेडर्स, रांची का सक्षम व्यक्ति बनकर फेन्साडिल कफ सिरप की भारी मात्रा में तस्करी की। सिंडिकेट बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुभम जायसवाल ने कफ सिरप की तस्करी की और अवैध तरीके से धन अर्जित किया।

रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि विकास सिंह आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रहलाद घाट, कायस्थ टोला का निवासी है। उसी मोहल्ले में शैली ट्रेडर्स का प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल और उसका बेटा शुभम जायसवाल भी रहता है। फिलहाल भोला जायसवाल सोनभद्र जेल में बंद है। वहीं, 50 हजार रुपये के इनामी शुभम जायसवाल को इंटरपोल भी ढूंढ़ रही है।
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