पीएमएस के सचिव डाॅ. आरएन सिंह ने बताया था कि 10 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर, शिकायत करने के बाद सीएमएस की ओर से डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ पर झूठा आरोप लगाकर दबाव बनाया जा रहा है। सीएमएस को जब तक नहीं हटाया जाता है तब तक विरोध जारी रहेगा।
इस पूरे मामले पर सीएमएस डॉ. दिग्विजय सिंह ने कहा था कि ओपीडी में दलालों पर अंकुश लगाने, बाहर की दवा लिखने पर प्रतिबंध सहित मरीजों के हित में जो भी सख्ती की जा रही है, उसको लेकर डॉक्टर जान-बूझ कर आरोप लगा रहे थे।