उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी को क्योटो बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करने के लिए कमर कस ली है। पिछली सपा सरकार के 'सौतेले व्यवहार' के विपरीत वर्तमान योगी सरकार वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है।
इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी के विकास कार्य की समीक्षा के लिए हर दिन 30 मिनट समय दे रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने दो मंत्रियों को इसकी निगरानी का जिम्मा दिया है।
बता दें कि वर्ष 2014 में चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि वह वाराणसी का विकास जापान के शहर क्योटो की तरह करेंगे। लेकिन केंद्र और सूबे में अलग-अलग पार्टियों की सरकार होने के कारण दोनों के बीच तालमेल नहीं बैठ पाया।
वहीं सूबे में बदलाव के बाद योगी आदित्यनाथ ने अपने शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना को वाराणसी भेजा था। सीएम योगी ने कहा कि अगर जरुरत होगी तो वह खुद जमीनी हकीकत की पड़ताल करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक सीएम योगी ने वाराणसी के कुछ विकास कार्य को तीन महीने के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया है।
सीएम ने समीक्षा बैठक में पाया कि जितना पैसा केंद्र सरकार ने वाराणसी के लिए दिया है, उसके मुकाबले विकास कार्य कछुआ चाल चल रहा है। योगी सरकार ने वाराणसी को जोड़ने वाले आठ जिलों के लिए सड़कों के निर्माण कार्य तेज करने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा वाराणसी की जाम की समस्या को खत्म करने के लिए पुलों को 30 जून तक पूरा करने का निर्देश योगी सरकार ने दिया है।