फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CM Varanasi Visit: सीएम बोले- कंप्यूटर सुविधा का माध्यम है तो भटकाव भी, सकारात्मक ज्ञान प्राप्त करें

Tue, 07 Oct 2025 05:51 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा उद्देश्य संस्कृत में पढ़ने-पढ़ाने और शोध को बढ़ाने वाले छात्रों के साथ विद्वानों को बढ़ाना है। संस्कृत में वेद और व्याकरण भारत की विशिष्ट देन है।
विज्ञापन
लैपटाॅप देते सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को श्रीअन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम के कार्यक्रम में 250 बालिकाओं को सिलाई मशीन दी। साथ ही आश्रम परिसर में पौधरोपण कर गायों को चारा और गुड़ खिलाया।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली से पहले यह उपहार मां अन्नपूर्णा की कृपा है। कंप्यूटर सुविधा का माध्यम है तो भटकाव भी है। हमें सकारात्मक रूप से ज्ञान को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए जो जीवन को उज्ज्वल बनाने में योगदान दे सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत में विशिष्ट शोध और उच्च अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए छात्रवृत्ति जारी करने वाले हैं।

पीएम ने दिया नारी गरिमा को महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी नारी गरिमा को महत्व दिया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की। 12 करोड़ शौचालय बनवाए। देश में चार करोड़ व यूपी में 60 लाख लोगों को छत दी। जब बरसात, सर्दी में लोगों के सिर पर छत नहीं होती थी, तब घर की महिलाएं परिवार की लाज बचाती थीं। एलपीजी के 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन निशुल्क उपलब्ध कराए गए। अब तो काशी में पाइपलाइन से गैस की सप्लाई शुरू हो गई है। 

यह काशी की प्रगति को दर्शाती है। गांव में पहले यदि गरीब का घर टूट जाता था तो दोबारा मकान बनाने के लिए पापड़ बेलने पड़ते थे। दबंग मकान नहीं बनने देता था। सीएम ने घरौनी की चर्चा की और कहा कि तीन करोड़ परिवारों को जहां पर उसका आवास है, वहीं उसका मालिकाना अधिकार दे दिया गया। यह अधिकार घर की महिला सदस्य को दिया गया।

कार्यक्रम में श्रीअन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी महाराज, जगद्गुरु संतोषाचार्य महाराज सतुआ बाबा, यमुनापुरी महाराज, महंत बालक देवाचार्य महाराज, राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, मेयर अशोक कुमार तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक नीलकंठ तिवारी, त्रिभुवन राम, अवधेश सिंह, सुनील पटेल, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह, अन्नपूर्णा सिंह मौजूद रहीं।

मां अन्नपूर्णा की कृपा से ही मानव, जीव-जंतु को खाने को मिलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मां अन्नपूर्णा, बाबा विश्वनाथ व मां गंगा की कृपा बरसती है तो ऐसे ही शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त प्राप्त हो जाते हैं। इस संस्थान की स्थापना के 108 वर्ष होने के साथ आज शरद पूर्णिमा से जुड़ रहे हैं। यह आयोजन यूपी सरकार के मिशन शक्ति (महिला सुरक्षा, सम्मान व नारी स्वावलंबन) को भी जोड़ रहा है। 

भारतीय संस्कृति ने नारी की गरिमा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को सर्वोच्च स्थान दिया है। सनातन धर्म की परंपरा सदैव से मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव व्यक्त करती रही है। भारत में हमने धरती को भी मां के रूप में पूजा है। मां गंगा को सबसे पवित्र नदी मानकर आराधना की है। मां अन्नपूर्णा की कृपा से ही मानव व जीव-जंतु को खाने को मिलता है।

इतने ऑर्डर मिल रहे कि आपूर्ति नहीं कर पा रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार की संभावना वस्त्र उद्योग में है। रेडिमेड गारमेंट्स की दुनिया में काफी मांग है। यूपी ने 2018 में एक जनपद, एक उत्पाद योजना लागू की। सीएम ने वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर व लखनऊ का जिक्र किया। कहा कि सभी को अच्छी डिजाइन, पैकेजिंग, तकनीक से जोड़ा जाता है। अब इतने ऑर्डर मिलते हैं कि वे आपूर्ति नहीं कर पाते। यूपी सरकार ने भारत सरकार के साथ मिलकर अनेक कार्यक्रम शुरू किए हैं। 

सीएम ने कहा कि हम लोगों ने फ्लैटेड फैक्ट्री का नया कॉन्सेप्ट दिया है। यह सफल मॉडल है। प्रधानमंत्री ने लखनऊ में पीएम मित्र पार्क दिया है जो 1100 एकड़ में बन रहा है। वहां एक प्लेटफॉर्म में कपड़े से जुड़ी सभी चीजें उपलब्ध होंगी। 10 ऐसे स्थान चयनित किए हैं, जहां संत कबीरदास के नाम पर टेक्सटाइल्स का पार्क विकसित करने जा रहे हैं। वहां वस्त्र उद्योग से जुड़े सभी कार्य होंगे। इसमें अधिकाधिक नौजवानों को ट्रेनिंग से जोड़ेंगे। आने वाला समय नए रोजगार के सृजन का है।
विज्ञापन

मां अन्नपूर्णा मठ 108 साल से कर रहा काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सृष्टि में हर कोई मां अन्नपूर्णा की कृपा से अन्न प्राप्त करता है। यह मठ 108 वर्ष से देववाणी संस्कृत के लिए भी अनवरत कार्य कर रहा है। बाबा विश्वनाथ की धरा पर मां अन्नपूर्णा की कृपा और अन्नपूर्णा मंदिर की ओर से अनेक लोकोपकारी प्रकल्प प्रारंभ हुए हैं। काशी में कोई कार्यक्रम होता है तो अन्नपूर्णा मंदिर से जुड़े संस्कृत महाविद्यालय के बच्चे वैदिक स्रोत के साथ वातावरण को आध्यात्मिक बना देते हैं। एक तरफ गोमाता की पूजा होती है और दूसरी तरफ बाबा विश्वनाथ भी बिना नंदी के नहीं चलते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें