कमांडो की कड़ी सुरक्षा में सर्किट हाउस में प्रवेश कर सीएम योगी
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पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था का जायजा लेने सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार की शाम वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस में पार्टीजनों के साथ बैठक की। उनसे यहां के विकास कार्यों का फीडबैक लिया।
संगठन के कार्यों की जानकारी ली। कहा कि जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी केंद्र और राज्य सरकार की ओर संचालित योजनाओं और विकास कार्यों पर नजर रखें।
प्रोटोकाल के मुताबिक सीएम को शाम 4:50 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचना था लेकिन वह इससे 16 मिनट देर आए। गोरखपुर से विशेष विमान से बाबतपुर पहुंचने के बाद शाम 5:44 बजे सीएम का काफिला सर्किट हाउस पहुंचा। सीएम सफारी गाड़ी में सवार थे।
कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम योगेश्वर राम मिश्रा की मौजूदगी में सीएम के सर्किट हाउस पहुंचने पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया।
इसके बाद सीएम की पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक में मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी और अनिल राजभर के अलावा क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, उपाध्यक्ष नागेंद्र रघुवंशी, पार्टी के सभी विधायक, जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष शामिल हुए।
हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मचाया हंगामा
सीएम योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को काशी पहुंचे सीएम योगी जब सर्किट हाउस पहुंचे तो उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई। उधर, हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस के बाहर कुछ देर के लिए हंगामा कर दिया। वो इस कारण नाराज थे क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने वालों की सूची में हियुवा के कुछ वरिष्ठों के नाम नहीं थे।
प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष पांडेय समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं को सर्किट हाउस के सामने रोक दिया गया। एडीएम सिटी जेेएम सिंह और एसपी सिटी डीके सिंह का साफ कहना था कि बिना पास वालों को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। विवाद के बाद खेल, सूचना राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी ने डीएम से वार्ता की तब जाकर मनीष पांडेय और रामनाथ योगी का पास बनाया गया और उन्हें सर्किट हाउस के अंदर जाने दिया गया।
दरअसल मुख्यमंत्री को सर्किट हाउस पहुंचने के बाद पार्टी पदाधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से मीटिंग करनी थी। रात में करीब साढ़े तीन सौ लोगों के साथ रात्रिभोज था। मिटिंग और रात्रिभोज में शामिल होने वाले लोगों की सूची भाजपा ने डीएम को सौंपी थी।
डीएम की ओर से सबको पास जारी किया गया था। हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों का आरोप है कि उनकी अनदेखी की गई। शाम को प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष पांडेय के नेतृत्व में सर्किट हाउस पहुंचे हिंदु युवा वाहिनी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन ने बाहर ही रोक दिया।
मनीष का कहना था कि उन्हें पास बनने की जानकारी ही नहीं थी। वाहिनी को इस संबंध कोई जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि बाद में नीलकंठ तिवारी के हस्तक्षेप के बाद केवल दो पदाधिकारियों को ही पास बनाकर अंदर भेजा गया।