वाराणसी में गुरुवार को गंगा का जलस्तर 71.46 मीटर था। यहां, खतरे के निशान 71.26 मीटर को पार कर लिया है। 30 से अधिक गांव डूबे हैं। वरुणा पार इलाके के लोग पलायन करने को मजबूर हैं।
वाराणसी में वर्ष 2016 के बाद यह पहला मौका है, जब गंगा ने वाराणसी में खतरा बिंदु को पार कर लिया है। इससे पहले 2013 को वाराणसी में गंगा ने खतरे का निशान पार किया था। जलस्तर एक घंटा प्रति सेमी बढ़ रहा है। इस लिहाज से गंगा इस समय खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर हैं। अगर अगले चौबीस घंटों तक यह गति जारी रही तो कई अन्य कालोनियों में भी गंगा का पानी भर जाएगा और स्थिति काफी भयावह हो जाएगी। गंगा खतरे के निशान को पार करके बह रही है। 1978 की बाढ़ में अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर रहा था।