मुख्यमंत्री रिंग बंधा कटने के 24 घंटे के भीतर ही कटान देखने व नुकसान का जायजा लेने पहुंचे थे। आनन-फानन में दयाछपरा में जिला प्रशासन ने हेलीपैड बनाकर वहीं समारोह का आयोजन किया गया। जैसे ही हैलीकॉप्टर उतरा झमाझम बारिश होने लगी। बावजूद इसके सभा स्थल पर भाजपा के कार्यकर्ता व बाढ़ पीड़ित मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि पशुओं के लिए चारा व बाढ़ व कटान पीड़ितों के लिए भोजन, दवाइयां व अन्य जरूरी सुविधा हर हाल में मुहैया कराया जाए। इसमें कहीं से कोई अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर मंच पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, सांसद नीरज शेखर, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, विधायक धनंजय कन्नौजिया, पूर्वमंत्री राजधारी सिंह, श्रीमती केतकी सिंह, नागेंद्र पांडेय, राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य विजय बहादुर सिंह, जिलाध्क्ष विनोद शंकर दुबे सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
बैरिया के विधायक सुरेंद सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सभी आगंतुकों का स्वागत व आभार व्यक्त किया। इस मौके पर प्रशासनिक अमले की ओर से मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी, डीआईजी मनोज तिवारी, डीएम भवानी सिंह खंगारौत, एसपी देवेंद्र नाथ सहित जनपद के सभी आला अफसर मौजूद रहे।
अधीक्षण अभियंता लखनऊ तलब :
रिंग बंधा कटने से नाराज मुख्यमंत्री के तेवर देख सभी अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए थे। बाद में किसी तरह से मुख्यमंत्री सामान्य हुए और बाढ़ विभाग के अधीक्षण अभियंता को रिंग बंधे की फाइल के साथ लखनऊ तलब किया।
कुछ देर रहे सीएम और सब समझ गए :
दूबे छपरा रिंग बंधा कटने के बाद गोरखपुर में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद को रोक नहीं सके और 24 घंटे के अंदर प्रशानिक अमले को निर्देश जारी हो गया कि सीएम मंगलवार दोपहर में बाढ़ इलाके में पहुंचने वाले हैं। इसके बाद तो जैसे प्रशासनिक हलके में हलचल मच गई। आजमगढ़ से मंडलायुक्त और डीआईजी का काफिला चला तो यहां से डीएम और एसपी के साथ सभी अधिकारी बाढ़ इलाके की ओर दौड़ पड़े।
आनन-फानन में हेलीपैड बनवाया गया, क्योंकि सीएम का साफ निर्देश था कि हवाई सर्वेक्षण ही नहीं करेंगे, बल्कि पीड़ितों से मुलाकात के साथ प्रशासनिक कार्यों का जायजा भी लेंगे। मौसम के दगा देने की वजह से मुख्यमंत्री निर्धारित समय से कुछ विलंब से बाढ़ इलाके में पहुंचे और हालाता देखने के साथ लोगों से बाढ़ को लेकर आवश्यक जानकारी भी ली। इसके बाद रिंग बंधा टूटने के मामले को गंभीरता से लेते हुए बाढ़ विभाग के अधीक्षण अभियंता को बंधे की फाइल के साथ लखनऊ तलब कर लिया।