अस्पतालों में स्वच्छता पहला मानक हो। अस्पताल में बेडशीट बदलने, समय पर खाना, डॉक्टर का राउंड, शौचालय साफ, समय से दवाई, ऑक्सीजन चेकअप आदि कार्य हो। मरीज के लिए प्रतिदिन 100 रुपये खाने और डॉक्टरों के क्वारंटीन में रहने के लिए 500 रुपये प्रतिदिन उनके खाने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री की गरीब कल्याण योजना में नवंबर तक निशुल्क खाद्यान्न की व्यवस्था है। पात्रों को खाद्यान्न मुहैया हो सके, इसके पर्यवेक्षण के लिए लोकल स्तर पर अधिकारियों की तैनाती की जाए।
आत्मनिर्भर भारत में प्रवासी व निवासी दोनों को कार्य मिले
मनरेगा में प्रदेश में रिकॉर्ड कार्य हुआ है। 65 लाख मानव दिवस एक-एक दिन में सृजित हुए। प्रदेश में 40 लाख प्रवासी आए, जिसमें 23 लाख लोगों को रेलवे के सहयोग से उनके घर तक पहुंचाया गया। स्ट्रीट वेंडर के जरिए 10 हजार रुपये ऋण की योजना से वेंडरों को लाभ दिलाया जाए।
बैठक में वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर एवं चंदौली के जिलाधिकारियों ने पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से संक्रमण एवं उससे बचाव और मरीजों के बेहतर इलाज के बाबत किए गए व्यवस्थाओं एवं कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया। जौनपुर में ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड के केस ज्यादा मिले, जिसका कारण महाराष्ट्र से आए प्रवासियों को बताया गया।
कोविड अस्पताल में लगे टीवी, अखबार भी पहुंचे
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि कोविड अस्पतालों में एक सामूहिक स्थान चयन कर वहां टीवी लगवाएं। इसके साथ ही उन्होंने कोविड अस्पतालों में न्यूज पेपर भी रखवाए जाने का निर्देश दिया। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी। मरीजों में विश्वास बढ़ेगा और इससे मरीजों को ठीक होने की दर भी बढ़ेगी।