काल भैरव मंदिर जाते वक्त जनता का हाल पूछते सीएम योगी।
- फोटो : संवाद
उन्होंने बच्चों से सबसे पहले उनका नाम और कक्षा पूछी, फिर विद्यालय के बारे में जानकारी ली। बच्चों को स्कूल जाने को कहा। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार की देर रात तक तैयारियां की गई थीं। मुख्यमंत्री कार्यालय की टीम ने ही स्टेज पर जाने वाले बच्चों का चयन कर अंतिम सूची फाइनल की। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सीएम योगी को रुद्राक्ष का पौधा और नरेंद्र कोहली की लिखित पुस्तक न भूतो न भविष्यति भेंट की। अटल टिंकरिंग लैब ने मुख्यमंत्री को प्रभावित किया।
पढ़ने में रुचि नहीं है या पढ़ाने की रुचि नहीं, इन दोनों में अंतर है: मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सरकार बनने पर एक जुलाई को जब इस अभियान की शुरुआत की गई थी, तब कई जिलों में विभिन्न विद्यालयों का दाैरा किया गया था। उस समय विद्यालय भवनों की स्थिति जर्जर थी। विद्यालय बंदी के कगार पर थे।
एक विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया था कि उनके विद्यालय में बच्चे लगातार कम हो रहे हैं। बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं। मात्र 10 बच्चे हैं। ये अगले सत्र में शायद ही आएंगे। तब मैंने पूछा था कि ये बच्चे कहां जा रहे हैं। तब उन्होंने बताया कि बच्चों में पढ़ने की रुचि नहीं है, तो हमने कहा था कि पढ़ने में रुचि नहीं है या पढ़ाने की रुचि नहीं है। इन दोनों में अंतर है।
बच्चे अब बेंच पर बैठ कर पढ़ रहे : श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय में मजदूरों के बच्चे अब टाट पर नहीं बल्कि बेंच पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। अटल आवासीय विद्यालय के माध्यम से मजदूरों के बच्चों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव सुनिश्चित कराया गया।
स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि 2017 से पहले विद्यालय चरागाह थे। न दीवारें थीं और न ही बुनियादी सुविधाएं। लेकिन अब प्रदेश में बेसिक शिक्षा की व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, मेयर अशोक कुमार तिवारी, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र राय, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक टी. राम, विधायक सुशील सिंह, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, डीएम सत्येंद्र कुमार रहे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया नाश्ता।
- फोटो : संवाद
कचौड़ी और राम भाजी का एमपी के सीएम ने लिया स्वाद
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थानीय खान-पान का आनंद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला जब एयरपोर्ट की ओर जा रहा था, तभी वे मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार पर रुके। यहां उन्होंने कचौड़ी और राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के हर प्रांत और शहर की अपनी विशिष्ट खान-पान संस्कृति होती है, जो वहां की पहचान को दर्शाती है। स्थानीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। स्थानीय लोगों ने भी उनसे मुलाकात कर बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने कालभैरव, बाबा विश्वनाथ के किए दर्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा विश्वनाथ व ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव के दर्शन-पूजन किए। मुख्यमंत्री ने यहां से निकलकर आसपास के दुकानदारों और बच्चों से संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बात की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया। मुख्यमंत्री शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे थे।
शनिवार सुबह उन्होंने बाबा काल भैरव के दरबार में पहुंचकर माथा टेका और आरती की। यहां से निकलकर वह श्री काशी विश्वनाथ धाम भी पहुंचे। गर्भगृह में प्रवेश कर उन्होंने लोक मंगल की कामना के साथ बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन-अभिषेक किया और आरती की। मुख्यमंत्री ने यहां से प्रस्थान करते समय श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया।