सीएम ने बाढ़ की विभीषिका देखी, बांटी राहत सामग्री
बोले मुख्यमंत्री, बाढ़ पीड़ित परिवारों को 12 घंटे के अंदर राहत सामग्री पहुंचाई जाएं
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हवाई सर्वे कर वाराणसी में बाढ़ की विभीषिका देखी और नाव से बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने अस्सी स्थित राहत शिविर में पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं स्वयं की तरफ से संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में शासन एवं प्रशासन आपके साथ है। बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए पर्याप्त धनराशि मुहैया कराई गई है। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को समय से खाना एवं चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
मुख्यमंत्री ने हेलीकाप्टर से बाढ़ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण किया। बीएचयू हेलीपैड से वे सीधे अस्सी घाट पहुंचे और नाव से बाढ़ग्रस्त इलाकों का हाल देखा। गोयंका संस्कृत महाविद्यालय में बने राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने कहा, बेतवा एवं चंबल नदी से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा, यमुना एवं गोमती का जलस्तर बढ़ा है। बताया कि पिछले दिनों उन्होंने बाढ़ क्षेत्रों का निरीक्षण किया था, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर बाढ़ राहत कार्यों का निरीक्षण व पीड़ित परिवारों को राहत दिलाने के लिए वे फिर से दौरा कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों को सांत्वना दी कि शासन एवं प्रशासन उनके साथ है। जिला प्रशासन के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बाढ़ पीड़ितों का हाल-चाल लेने के साथ राहत सामग्री उपलब्ध कराते रहेंगे। बताया कि जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को प्रत्येक दशा में 12 घंटे के अंदर राहत सामग्री तथा जन हानि एवं पशु हानि पर 24 घंटे में मुआवजा दे दिया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर कतई लापरवाही एवं विलंब नहीं होना चाहिए। देर शाम मुख्यमंत्री लखनऊ रवाना हो गए।
---