निरीक्षण के दौरान कोषागार में पेंशन वितरण के बारे में जानकारी लेते जिलाधिकारी विजय किरन आनंद।
जब कोई फरियादी कलेक्ट्रेट आता है तो उसके पहले वह कई दफ्तरों के चक्कर लगा चुका होता है। वह इस आस में कलेक्ट्रेट आता है कि यहां उसकी समस्या का समाधान जरूर हो जाएगा। इसलिए जरूरी है कि जो भी फरियादी कलेक्ट्रेट आएं, उनकी शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए। किसी भी सूरत में उनसे सुविधा शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। कलेक्ट्रेट में पारदर्शी व्यवस्था के लिए क्लीन डेस्क पालिसी लागू होगी। बुधवार को कलेक्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने ये निर्देश दिए। दो टूक कहा कि फरियादियों का शोषण किसी भी हाल में बरदाश्त नहीं किया जाएगा। मातहतों को उन्होंने सुधार के लिए एक महीने की मोहलत दी। साथ ही, कहा कि वह एक माह बाद फिर निरीक्षण करेंगे। उस दौरान यदि कमियां पाई गईं तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जे, कृषक दुर्घटना बीमा के अलावा निस्तारित जन शिकायतों की रिपोर्ट तलब की। बिजली चोरी, आबकारी, अनाज चोरी में दर्ज मुकदमे की सूची तलब की। कोषागार के निरीक्षण में पीएलए में पड़ी धनराशि का ब्योरा तलब किया। इस संबंध में विभागों को नोटिस जारी करने को कहा। कोषागार में किसी भी विभाग के आवेदन तीन दिन से अधिक लंबित नहीं होंगे।
यहां गंदगी देख डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। नाजिर को बुलाकर साफ-सफाई बेहतर कराने को कहा। डीएम ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के नाम से पौधे लगाने और उनकी निगरानी कराने की ताकीद की। परिसर में गंदगी, टूटी दीवार, जर्जर विद्युत ताराें को देख नाराजगी जताई। खनन विभाग के निरीक्षण में डीएम ने कहा कि बगैर रायल्टी जमा किए कोई भी कार्यदायी संस्था मिट्टी नहीं निकालेगी। नजारत के निरीक्षण के दौरान नायब नाजिर की कार्यशैली से खफा डीएम ने एडीएम सिटी को निर्देश दिया कि उन्हें दो माह तक अपनी निगरानी में रखें। यदि इनका काम बेहतर नहीं होगा तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस अभिषेक आनंद के अलावा सभी एडीएम मौजूद रहे।