भगवानपुर इलाके में सोमवार की दोपहर तेज रफ्तार चारपहिया वाहन फर्नीचर की दुकान में घुस गया। वाहन की चपेट में आकर आग ताप रहे दुकानदार इंदल प्रसाद (53 वर्ष) की मौत हो गई। घटना को देख आसपास मौजूद लोगों ने वाहन को रोक लिया और चालक की सीट पर मौजूद कक्षा नौ के छात्र की जमकर पिटाई कर दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस छात्र को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर लंका थाने भिजवाई। इसे लेकर स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। आरोप है कि पुलिस ने मृतक के परिजनों को लाठी से पीटा है। मामले से नाराज मृतक के परिजनों ने लंका- डाफी बाईपास की सड़क जाम कर दिया। वे दोपहर एक बजे से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जो देर रात तक जारी रहा। उनकी मांग है कि 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जाए।
आरोपी किशोर के पिता पीएसी में कंपनी कमांडर हैं। जिस वाहन से दुर्घटना हुई है, उसपर पुलिस लिखा था। लाल-नीली बत्ती भी लगी है। नाराज लोगों ने वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया है। घटना की सूचना पाकर पहुंचे और नोकझोंक कर रहे सपा नेता अजय फौजी को पुलिस ने हिरासत में लेकर लंका थाने भिजवा दिया।
पीएसी में कंपनी कमांडर पद पर तैनात गाजीपुर के मूल निवासी पंकज कुमार सिंह का परिवार शिवपुर क्षेत्र की विवेक पुरम कॉलोनी में रहता है। पंकज का नौवीं में पढ़ने वाला बेटा पुलिस लिखे चारपहिया वाहन से भगवानपुर में रहने वाले अपने मामा पप्पू सिंह के घर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की रफ्तार तेज थी। इसी वजह से वाहन अनियंत्रित होकर आग ताप रहे इंदल प्रसाद (53) की दुकान में घुस गया। चारपहिया वाहन की चपेट में आए इंदल को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे नाराज लोगों ने वाहन चालक की पिटाई की।
चार नामजद और 10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी कि दुकान पर लगे नीम के पेड़ ने घर में मौजूद कई लोगों की जान बचा ली। नहीं तो कई और लोग चपेट में आते। तेज रफ्तार वाहन सीधे पेड़ में जा टकराया और उसकी चपेट में आने से इंदल की जान गई। दुकान में वाहन घुसने से काफी सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
लंका-डाफी मार्ग पर आने-जाने वालों को हुई परेशानी
भगवानपुर में हादसे के बाद लोगों ने दोपहर एक बजे सड़क पर जाम लगाया। इस कारण लंका से भगवानपुर, छित्तूपुर, सीरगोवर्धनपुर होते हुए डाफी बाईपास की ओर से जाने वाले और डाफी बाईपास से लंका की ओर आने वालों को काफी परेशानी हुई। लोगों के धरना-प्रदर्शन के कारण जो वाहन लंका-डाफी बाईपास मार्ग पर प्रवेश कर गए थे उन्हें लौटने का रास्ता भी नहीं मिल रहा था और वह विवश होकर जाम में फंसे रहे।
मारपीट नहीं, धक्कामुक्की हुई थी