हादसे की खबर सुनकर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे लोग
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उधर, हादसे के बाद बगैर नंबर प्लेट की बुलेट दोड़कर युवक फरार हो गए। चितईपुर इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। गाजीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक ललित राय बेटे की मौत पर मर्माहत रहे। उनके मुंह से शब्द नहीं निकल रहे थे। पड़ोसी और परिचित उन्हें ढांढ़स बंधाने में लगे रहे।
इकलौते भाई की मौत पर बहन मेघा की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। वह रोते बिलखते यही अफसोस जता रही कि काश आज उसका एक्स्ट्रा क्लास न होता तो वह भाई को बचा लेती। बारहवीं कक्षा की छात्रा मेघा और कुणाल एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों भाई-बहन एक साथ पैदल आते जाते थे। मेघा की एक्स्ट्रा क्लास थी तो वह स्कूल में रूक गई और कुणाल पैदल ही कंचनपुर स्थित घर जाने के लिए निकल पड़ा था।
चितईपुर इंस्पेक्टर बैजनाथ बुलेट सवार युवकों की गिरफ्तारी या हिरासत में लेने से इंकार करते रहे। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थानीय लोगों ने दोनों युवकों को पकड़ कर पुलिस को सौंपा। इसमें एक सत्ता पक्ष नेता के परिवार का लड़का बताया जा रहा है।