केसार गांव निवासी रवि राव की 10 वर्षीय पुत्री प्रियंका प्राथमिक विद्यालय केसार में कक्षा पांच की छात्रा है। शनिवार को विद्यालय में पढ़ाई के दौरान किसी बात को लेकर शिक्षक रिंकू सिंह ने उसे डांटने के बाद कथित रूप से हाथ में पहने लोहे के कड़े से पीठ पर कई बार प्रहार कर दिया। छात्रा के अनुसार उसने कोई ऐसी गलती नहीं की थी, जिसके कारण उसे इस तरह दंडित किया जाए। पिटाई के बाद वह दर्द से रोने लगी और उसकी पीठ पर सूजन तथा काला निशान उभर आया।
विद्यालय से घर पहुंचने पर छात्रा ने पूरी घटना परिजनों को बताई। बेटी की हालत देखकर उसकी मां रुक्मिणी देवी घबरा गईं और तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ लेकर पहुंचीं। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के दौरान छात्रा की पीठ पर रीढ़ की हड्डी के पास गंभीर चोट के निशान पाए।
चिकित्सक डॉ. चंद्र कुमार ने बताया कि रीढ़ के पास काला निशान होने के कारण विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, लेकिन नौगढ़ सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने से छात्रा को बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चकिया रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम भी विद्यालय पहुंची और शिक्षक, विद्यालय स्टाफ तथा परिजनों से जानकारी जुटाई। छात्रा की मां का आरोप है कि जब उन्होंने शिक्षक से घटना की शिकायत की तो उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने की बात कही। हालांकि परिजन इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और दोषी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
छात्रा के पिता रवि राव ने चकरघट्टा थाने में लिखित तहरीर देकर शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने का स्थान है, वहां इस तरह की मारपीट किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने दोषी शिक्षक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए चकरघट्टा थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है। पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी लालमणि राम ने बताया कि घटना की विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
जांच में यदि शिक्षक की लापरवाही या छात्रा के साथ मारपीट की पुष्टि होती है तो विभागीय नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा स्वीकार्य नहीं है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।