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Varanasi: विश्वनाथ धाम से फिर जुड़ेगी पशुपतिनाथ की नगरी, सावन बाद बहाल होगी भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा

Sun, 13 Aug 2023 05:02 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि काठमांडो परिवहन के अधिकारियों से बात हुई है। परमिट का नवीनीकरण किया जा रहा है। सावन बाद से भारत-नेपाल मैत्री बससेवा बहाल हो जाएगी। 
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सावन बाद बहाल होगी भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा सावन बाद बहाल होगी। इससे गोरखपुर व सोनौली बार्डर के यात्रियों को भी सहूलियत मिलेगी। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, काठमांडो परिवहन निगम से बात हुई है। सावन बाद एसी बस सेवा के संचालन पर मुहर लगी है। वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि काठमांडो परिवहन के अधिकारियों से बात हुई है। परमिट का नवीनीकरण किया जा रहा है।

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अगले माह से बस सेवा बहाल हो जाएगी। वाराणसी के रास्ते गोरखपुर, सोनौली होते हुए बस काठमांडो तक जाएगी। वॉल्वो या स्कैनिया बस चलाई जाएगी। टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन होगी। बस के अंदर भी टिकट मिल सकेगा।

करीब 16 घंटे का होगा सफर

बाबा विश्वनाथ से पशुपतिनाथ की नगरी फिर जुड़ेगी। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, कैंट बस स्टेशन वाराणसी से काठमांडो तक जाने वाली बस रोजाना रात दस बजे रवाना होगी। काठमांडो में दूसरे दिन दोपहर एक से दो बजे के बीच बस पहुंचेगी। काठमांडो से भी यही समय रहेगा। किराया प्रति व्यक्ति अनुमानित 1800 से 1900 रुपये के बीच होगा। बस संचालन के समय किराये की दर में बदलाव संभव है।

2022 से बस सेवा पूरी तरह बंद

 वर्ष 2015 में वाराणसी-काठमांडो मैत्री बस सेवा शुरू की गई थी। यात्रियों ने इसे पसंद किया था। टिकट की अच्छी बुकिंग हो रही थी। इस बीच वर्ष 2018 में परमिट नवीनीकरण का पेंच फंस गया। इससे बस का संचालन रोक दिया गया। बाद में कोरोना संकट आया और लॉकडाउन की वजह से बस सेवा बंद कर दी गई। नेपाल ने 17 नवंबर 2021 में दोबारा बस सेवा शुरू की थी। 2022 में यह सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई।

शिव के द्वार से जुड़ेगा हरिद्वार, पहली बार चलेगी बस

बाबा विश्वनाथ की नगरी से हरिद्वार जाने के लिए पहली बार रोडवेज ने पहल की है। रोडवेज परिवहन निगम इस रूट पर वातानुकूलित बस चलाएगा। अधिकारियों के अनुसार, धार्मिक यात्रा कराए जाने को लेकर वाराणसी से हरिद्वार के बीच बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया, जिसे मंजूर करते हुए रोडवेज मुख्यालय ने उत्तराखंड के परिवहन विभाग से संपर्क साधा। दोनों तरफ से बसों के संचालन पर सहमति बनी। एक बस वाराणसी की और एक बस हरिद्वार की होगी। अगले माह तक इसके संचालन की तिथि घोषित की जाएगी। अभी तक उत्तराखंड के लिए एक भी बस सेवा वाराणसी से नहीं है।
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वाराणसी-हरिद्वार यह होगा रूट

वाराणसी कैंट रोडवेज बस स्टेशन से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ बाईपास होते हुए रूड़की-हरिद्वार मार्ग होेते हुए हरिद्वार बस स्टेशन पर बस पहुंचेगी।
कैंट रोडवेज से हरिद्वार के लिए वातानुकूलित बस सेवा जल्द शुरू होगी। उत्तराखंड में परमिट को लेकर सहमति बनी है। अगले माह तक बस संचालन के संबंध में मुख्यालय से आदेश आ सकता है।- गौरव वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, वाराणसी परिक्षेत्र
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