कोरोना काल में परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों की उहापोह शनिवार को उत्साह में तब्दील हो गई। वाराणसी में आईसीएसई बोर्ड से संचालित स्कूलों के विद्यार्थी परिणाम जारी होने के बाद बहुत खुश हैं और अब उन्हें मार्कशीट का इंतजार है। जहां 10वीं के छात्र रिजल्ट आने के बाद कक्षा 11वीं में दाखिला लेने वाले अपने विषय के बारे में शिक्षकों से पूछताछ करने में जुटे हैं, वहीं इंटर पास होने वाले विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे हैं।
कोरोना की वजह से हर साल की तरह स्कूलों में तो छात्रों का जश्न तो नहीं मनाया गया, लेकिन घरों में रविवार को भी जश्न का माहौल रहा। पास होने वाले विद्यार्थियों को फोन पर बधाईयां मिलती रहीं। कोरोना की दूसरी लहर के कारण ही बोर्ड ने इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा निरस्त कर दी थी।
10वीं का परिणाम प्री बोर्ड के अंक और पिछले पांच सालों के स्कूल के परिणाम के आधार पर ही तैयार कर जारी किया गया है। हालांकि मूल्यांकन के इस मानक से कई छात्र प्री बोर्ड व पिछले सालों के स्कूल के आधार पर जारी परिणाम को लेकर निराश हैं, जबकि कुछ छात्र कोरोना काल में इसे सही ठहरा रहे हैं।
आईएएस बनना है अतुल्य का सपना
आईएससी यानी बारहवीं की परीक्षा 94 प्रतिशत अंक के साथ पास करने वाले अतुल्य श्रीवास्तव का सपना आईएएस बनने का है। मंडुवाडीह निवासी दीपेंद्र श्रीवास्तव के सुपुत्र अतुल्य ने दसवीं में भी 96 प्रतिशत अंक के साथ परीक्षा पास की थी। बताया कि आगे चलकर आईआईटी करने के बाद आईएएस बनने की इच्छा है। इसकी तैयारी शुरू कर दी है।