सीएचएस में कम सीटों को लेकर सुरक्षाकर्मियों और छात्रों में हुआ विवाद
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पूर्वांचल के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक सीएचएस की नई प्रवेश बुलेटिन 2026 में करीब 25 फीसदी सीटों की कटौती कर दी गई है। पिछले बुलेटिन के मुकाबले इस बार नौवीं और 11वीं (कर्मचारी वार्ड की सीटों सहित) में 125 सीटें कम कर दी गई हैं। वहीं, सीएचएस में नौवीं कक्षा में नई छात्राओं को प्रवेश नहीं मिल सकेगा।
बुलेटिन में उनकी सीटें निल रखी गई हैं। हालांकि, कक्षा आठ में पहले से 120 छात्राएं पढ़ाई कर रहीं हैं। अब इससे ज्यादा सीटें नौवीं में नहीं रखी जा सकती हैं। नौवीं में भी लड़कों को अब 100 के बजाय सिर्फ 76 पर ही प्रवेश मिलेगा।
बीएचयू ऑनलाइन पोर्टल पर जारी प्रवेश बुलेटिन में सेंट्रल हिंदू बॉयज और सेंट्रल हिंदू गर्ल्स स्कूल में नए प्रवेश के लिए अलग-अलग सीटों का विवरण जारी किया गया है। 2025 में 320 सहित 370 सीटों (कर्मचारी वार्ड सहित) पर बुलेटिन जारी हुई थी मगर इस बार 245 नई सीटों पर प्रवेश होगा।
नई बुलेटिन के अनुसार सेंट्रल हिंदू गर्ल्स स्कूल में नौवीं कक्षा में कुल 30 सीटों और सेंट्रल हिंदू बॉयज में 24 सीटों की कटौती कर दी गई है। पिछली बुलेटिन में नौवीं और 11वीं को मिलाकर 133 सीटें जारी की गई थीं। मगर इस बार 72 कम कर सिर्फ 61 सीटें ही बुलेटिन में आई हैं। गर्ल्स स्कूल में पिछले बुलेटिन से 11वीं कक्षा की भी 42 सीटें कम की गई हैं। सबसे ज्यादा आर्ट्स में 30, कॉमर्स में पांच, गणित में चार और बायोलॉजी में तीन सीटें कम जारी की गई हैं।
सबसे ज्यादा गणित में 40 सीटें कटीं
एक जून 2025 के बाद की कैटेगरी का प्रमाण पत्र
50 फीसदी सीटें बीएचयू के कर्मचारियों के बेटे और बेटियों के लिए रिजर्व होंगी। वहीं, 15 फीसदी एससी, 7.5 फीसदी एसटी, 27 फीसदी ओबीसी और ईडब्ल्यूएस को 10 फीसदी रिजर्वेशन दिया गया है। एससी और एसटी को आवेदन के लिए 550 और अन्य को 800 रुपये देने होंगे। प्रवेश लेने वालों की कैटेगरी का प्रमाण पत्र एक जून 2025 का जारी किया गया होना चाहिए।
छात्रों और सुरक्षाकर्मियों में विवाद
कम सीटों को लेकर विरोध करते छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के बीच काफी नोकझोंक हुई। सेंट्रल ऑफिस के बाहर सुरक्षाकर्मी के साथ पुलिस बल भी पहुंचा। इस दौरान जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। छात्रों ने आरोप लगाया कि कक्षा-9 में प्रवेश के लिए छात्राओं की सीटों की संख्या शून्य कर दी है। छात्रों ने कक्षा 9 में अतिरिक्त सेक्शन बनाने या सभी सीटों पर प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन प्रक्रिया लागू करने की मांग रखी।