दीपावली पर चाइनीज के बहिष्कार का शोर भले रहा हो लेकिन होली पर तो बाजार में चाइनीज सामानों की ही धूम है। चाइनीज सामानों का बहिष्कार कर देशप्रेम का राग अलापने वाले भी खामोश हैं।
न तो फेसबुक-वाट्सएप पर चाइनीज सामानों के बहिष्कार को लेकर जंग छिड़ी है न बाजारों में किसी तरह का विरोध दिखाई पड़ रहा है। वाराणसी के दालमंडी से लेकर हड़हा सराय, राजा बाजार तक चाइनीज पिचकारी, मुखौटे, टोपी, यहां तक कि चाइनीज रंगों की भरमार है।
न तो दुकानदारों को कोई ना ही खरीददारों को इसमें कोई बुराई नजर आ रही है।
दालमंडी स्थित रेशम कटरा के व्यापारी मोहम्मद ईनाम बताते हैं कि दीपावली की तरह इस बार चाइनीय सामानों के बहिष्कार का शोर शराबा नहीं है, इसलिए पूरे बाजार में होली के चाइनीज सामान छाए हुए हैं।
पिचकारी, वाटर गन, डबल और ट्रिपल रेंज वाली पिचकारी सब चाइनीज है। लोकल के आगे लोग इन्हें ही पसंद कर रहे हैं। न सिर्फ पिचकारी बल्कि रंग भी चाइनीज है।
दालमंडी के बाबा खान रंगवाले बताते हैं कि यूं तो होली पर अबीर गुलाल हाथरस से आता है लेकिन चाइनीज रंगों की मांग ज्यादा है। वो इसलिए क्योंकि इसमें रंगों की वैराइटी ज्यादा है। रेनबो, पर्फ्यूम्ड कलर के विकल्प हैं।
वहीं चाइनीज मास्क, विग और टोपियां भी बिक रही हैं।