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चीनी मांझा: 24 घंटे में 4 जगह मारे छापे, सभी छोटे दुकानदार, होलसेलरों से दूरी; पुलिस नहीं कस पा रही है शिकंजा

Tue, 13 Oct 2026 12:51 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

चीनी मांझे के खिलाफ पुलिस ने 24 घंटे में चार जगह छापेमारी की, लेकिन कार्रवाई छोटे दुकानदारों तक ही सीमित रही। मौत की डोर बनाने वालों और मुख्य तस्करों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। होलसेलरों से दूरी बनाए जाने के कारण चीनी मांझे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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मांझा बेचने के आरोप में पकड़े गए युवक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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प्रतिबंधित चीनी मंझे पर पुलिस की कार्रवाई केवल छोटे और फुटकर दुकानदारों तक ही सिमट कर रह गई है। नतीजतन, छोटे दुकानदार तो जेल की सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं, लेकिन असली मास्टरमाइंड यानी बड़े थोक व्यापारी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पिछले 24 घंटे में दशाश्वमेध, कोतवाली और भेलूपुर पुलिस ने छापा मारकर चार छोटे दुकानदारों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 123.873 किलोग्राम चीनी मंझा बरामद किया गया है। 

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सवाल यह है कि ये फुटकर विक्रेता इस खतरनाक मंझे को कहां से खरीदकर लाते हैं और इसके निर्माता व तस्करी करने वाले कौन लोग हैं? इस सिंडिकेट पर पुलिस हर साल कार्रवाई करती है, लेकिन नतीजा शून्य साबित होता है। स्थानीय जानकारों और कुछ दुकानदारों के अनुसार, शहर के कुछ प्रमुख इलाकों में बड़े पैमाने पर थोक में चीनी मंझे की खेप मंगाई जाती है। 

जब तक पुलिस इन थोक विक्रेताओं की जड़ों तक नहीं पहुंचेगी, तब तक यह अवैध कारोबार पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकता। सिर्फ फुटकर दुकानदारों पर कार्रवाई करने से इस चेन को नहीं तोड़ा जा सकता, क्योंकि एक छोटा दुकानदार जेल जाता है तो दूसरा मुनाफे के लालच में इस अवैध धंधे में उतर आता है।

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मांझे की खोज में पुलिस ने उड़ाए ड्रोन
कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर चीनी मांझे से साड़ी कारोबारी सुनील कुमार गुजराती (55) की मौत के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने जांच अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को जैतपुरा पुलिस ने प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री और पतंग उड़ाने वालों की ड्रोन से निगरानी की। कज्जाकपुरा, सरैया, शैलपुत्री मंदिर और सक्कर तालाब समेत आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन से छतों पर पतंगबाजी करने वालों की जांच की गई। 

वकीलों ने मांगा एक करोड़ मुआवजा
चीनी मांझे से सुनील कुमार गुजराती की मौत से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। सोमवार को अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी पोर्टिको में धरना दिया और एसीएम तृतीय को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय और गौतम झा के नेतृत्व में अधिवक्ता दोपहर दो बजे जिलाधिकारी पोर्टिको पहुंचे। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर चीनी मांझे के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। नित्यानंद राय ने कहा कि वर्ष 2020 से अब तक चार मौतें हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन चेत नहीं रहे हैं।

पुलिस ने 9 आरोपियों को दबोचा 137.448 किलो मांझा बरामद 
वाराणसी। साड़ी कारोबारी की मौत के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने 24 घंटे के अंदर 137.448 किलोग्राम चीनी मांझे बरामद किए। काशी और वरुणा जोन के आठ थानों में आठ प्राथमिकी दर्ज हुई। इसमें 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कमिश्नरेट के सभी थाना क्षेत्रों में प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। दुकानों और संदिग्ध स्थानों पर चेकिंग की गई। 

कोतवाली के अमियामंडी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 37.873 किलोग्राम चीनी मांझा बरामद हुआ। रामनगर में बलुआ घाट किनारे लावारिस हाल में 20 किलोग्राम चीनी मांझा बरामद हुआ। दशाश्वमेध में 56 किलोग्राम चीनी मांझा, एक दुकानदार की गिरफ्तारी हुई। भेलूपुर थाना क्षेत्र में 10 किलोग्राम चीनी मांझा के संग एक आरोपी, मंडुवाडीह में दो किलोग्राम चीनी मांझा के संग एक आरोपी, सारनाथ में दो आरोपियों को 3.865 किलोग्राम चीनी मांझा बरामद हुआ। 

आधा किलोग्राम चीनी मांझा के संग लोहता से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र से 6.5 किलोग्राम चीनी मांझा के संग एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि मांझे की बिक्री, भंडारण, उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
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चीनी मंझे की थोक और फुटकर बिक्री करने वालों को गिरफ्तार किया गया है। 24 घंटे के अंदर तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 123.873 किलोग्राम चीनी मंझा बरामद किया गया है। ड्रोन से भी निगरानी और जांच की जा रही है। - गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी जोन
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