खतरनाक बन चुके चीनी मांझे से शहर का सीवर भी चोक कर दे रहे हैं। इससे सफाईकर्मी बेबस हैं और मशीन से सफाई करनी पड़ रही है। सफाई के दौरान कई इलाकों में ढेर सारे मांझे, कतरन और धागे मिले हैं। इसकी शिकायत कर्मचारियों ने जलकल के अधिकारियों से की है।
दरअसल, इन दिनों मकर संक्रांति आने वाली है। इस पर्व पर यहां पतंगबाजी खूब होती है। बाजार में चोरी छिपे प्रतिबंधित चीनी मांझे भी बिक रहे हैं। इन मांझों का इस्तेमाल करने वाले इन्हें सड़कों पर फेंक देते हैं। जो नालियों से बहकर सीवर चैंबर में जा रहे हैं। यह सीवर के चैंबर चोक कर दे रहे हैं। पिछले दिनों अलईपुरा इलाके में सफाई के दौरान ढेर सारा मांझा, धागा, कतरन सीवर चैंबर से निकले। यह ओवरफ्लो और सीवर जाम की समस्या पैदा कर रहे थे। इसके अलावा जैतपुरा, बजरडीहा, लल्लापुरा, बेनियाबाग के पास सीवर चैंबर की सफाई के दौरान मांझे निकले। सफाई कर्मचारी राकेश ने बताया कि सीवर जाम की शिकायत थी। फर्राटी डालकर लाइन को खोलने का प्रयास किया तो वह नहीं खुला। बाद में मशीन लगाकर चैंबर से कचरा निकला गया तो पता चला कि लाइन के मुख्य द्वार पर ढेर सारे मांझे, धागे फंसे थे। इसके चलते सीवर आगे नहीं जा पा रहा था। कुछ दूर आगे जाकर दूसरे चैंबर को खोला गया तो वहां भी कपड़ों के कतरन, मोटे मजबूत धागे निकले।
कुछ इलाकों से मांझे, धागे, कपड़ों के कतरन और अन्य सामान सीवर चैंबर से निकले हैं। क्षेत्र के लोगों से कहा गया है ऐसा सामान न फेंकें जिससे सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या आए। -ओपी सिंह, प्रभारी सचिव जलकल