मानव के लिए संवेदनशील हुए बिना समाज की सेवा नहीं हो सकती है। पं. दीनदयाल मनसा, वाचा और कर्मणा से संवेदनशील और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाले थे। यही उनका दर्शन है। परमार कटरा के बाद गोविंदाचार्य स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक और दो के पश्चिमी छोर पर पं. दीनदयाल उपाध्याय के मोक्ष स्थल पर पहुंचे और श्रद्धासुमन अर्पित किया।
पड़ाव संवाददाता के अनुसार साढ़े बजे प्रख्यात चिंतक केएन गोविंदाचार्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन पहुंचे। यहां पंडित जी के विशाल मूर्ति के चरणों में शीश नवाया और श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उन्होंने पंडित जी के जीवन पर आधारित कलाकृतियों को सुक्षमता से निरिक्षण किया।
वे लगभग यहां 20 मिनट तक रूके रहे। उन्होंने पंडित जी के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने बिहार चुनाव प कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। इसमें चुनाव की प्रक्रिया जरूरी है।
इस कोरोना संक्रमण में लोगों को शारीरीक दूरी सहित सरकार के दिशा निर्देश का पालन करते हुए समाज के सभी तबके के लोगों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। इस मौके पर डॉ. अनिल यादव, अनिल गुप्ता उर्फ गुड्डू, अवधेश चौरसिया, विनय वर्मा, प्रशांत श्रीवास्तव, संजय पासवान रहे।