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चीन विस्तारवाद का पोषक, उचित जवाब देने की जरूरत- गोविंदाचार्य

Tue, 22 Sep 2020 03:51 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर शीश नवाया। - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय चिंतक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि चीन सामंतवादी है और विस्तारवाद का पोषक है। यही कारण है कि उसका सभी पडोसी देशों से सीमा विवाद चल रहा है। तिब्बत के बाद वह ताइवान पर कब्जा करना चाहता है। भारत को उससे सावधान रहते हुए माकूल जवाब देने की जरूरत है। चीन लगातार कई देशों से पराजित हो चुका है। हालांकि भारत अच्छे तरीके से जवाब दे रहा है। रूद्र प्रयाग से गंगा सागर तक की यात्रा पर निकले केएन गोविंदाचार्य चंदौली जिले में एकात्ममानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के मूर्तियों पर मार्ल्याण करने नगर में आए थे।

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इसके पूर्व गोविंदाचार्य ने पड़ाव स्थित स्मृति स्थल और परमार कटरा स्थित मूर्ति और रेलवे स्टेशन के पास पंडित दीनदयाल उपाध्याय के स्मृति स्थल पर शीश नवाया। परमार कटरा स्थित पं. दीनदयाल की मूर्ति पर शीश नवाने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत पूरे विश्व को राह दिखा सकता है।


पूरे विश्व को भारत की आवश्यकता है, विश्व की भारत को आवश्यकता कम है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय दर्शन ओंकार, ईश्वर के एक रूप को विस्तरित करते हुए एकात्म मानव का दर्शन दिया। लोग पंडित जी के एकात्म मानव को समाजवाद, सामंतवाद की तरह एक वाद मानते हैं लेकिन एकात्म मानव दर्शन है और इसमें जीवन दर्शन समाया हुआ है।

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मानव के लिए संवेदनशील हुए बिना समाज की सेवा नहीं हो सकती है। पं. दीनदयाल मनसा, वाचा और कर्मणा से संवेदनशील और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाले थे। यही उनका दर्शन है। परमार कटरा के बाद गोविंदाचार्य स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक और दो के पश्चिमी छोर पर पं. दीनदयाल उपाध्याय के मोक्ष स्थल पर पहुंचे और श्रद्धासुमन अर्पित किया।

पड़ाव संवाददाता के अनुसार साढ़े बजे प्रख्यात चिंतक केएन गोविंदाचार्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन पहुंचे। यहां पंडित जी के विशाल मूर्ति के चरणों में शीश नवाया और श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उन्होंने पंडित जी के जीवन पर आधारित कलाकृतियों को सुक्षमता से निरिक्षण किया।
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वे लगभग यहां 20 मिनट तक रूके रहे। उन्होंने पंडित जी के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने बिहार चुनाव प कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। इसमें चुनाव की प्रक्रिया जरूरी है।

इस कोरोना संक्रमण में लोगों को शारीरीक दूरी सहित सरकार के दिशा निर्देश का पालन करते हुए समाज के सभी तबके के लोगों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। इस मौके पर डॉ. अनिल यादव, अनिल गुप्ता उर्फ गुड्डू, अवधेश चौरसिया, विनय वर्मा, प्रशांत श्रीवास्तव, संजय पासवान रहे।
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