इसके बाद चचेरी दादी व उनके घर वाले उस पैसे को हड़पने के फिराक में थे। लेकिन बैंक में आवश्यक दस्तावेज न दिखा पाने के कारण बैंक ने पैसा नहीं निकालने दिया। इस पैसे के अतिरिक्त मृत माता-पिता के नाम एलआईसी की पॉलिसी भी थी। जब टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि एक बच्ची को चचेरी दादी ने पड़ोसी की बेटी को दे दिया था।
टीम ने उस बच्ची और अन्य चार बच्चों को रेस्क्यू कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया। इसके साथ ही बैंक पासबुक जिसमें 22,97,949.65 रुपये थे। इसके अतिरिक्त एलआईसी पॉलिसी के दस्तावेज थाने में जीडी कराते हुए पूरी लिखा पढ़ी के बाद माल खाने में सुरक्षित रखवाया गया है। सभी बच्चे सुरक्षित हैं, सबसे बड़ी बच्ची(15), दूसरा 11 वर्ष, तीसरा 7 वर्ष, चौथा 5 वर्ष व सबसे छोटा 1 वर्ष का है। रेस्क्यू किए गए बच्चों में कुल 3 लड़कियां और दो बच्चे है। सभी बच्चों को चाइल्ड लाइन में रखा गया है। कोरोना टेस्ट कराने के बाद बच्चों के लिए निर्धारित क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाएगा।