गम ए हुसैन के आखिरी असरे में शहर भर में मजलिस, नौहाख्वानी और ताबूत की जियारत का सिलसिला जारी है। रबी उल अव्वल की चौथी तारीख को काली महल स्थित जेपी टावर में बच्चों की मजलिस का आयोजन किया गया। हाय सकीना हाय प्यास की सदाएं गूंजी। शब्बेदारी के साथ ही रात भर नौहा मातम किया गया।
सोमवार को जेपी टावर काली महल में फरमान हैदर के निवास पर नौशीन फातिमा के संयोजन में जनाबे सकीना का ताबूत और अली असगर का झूला उठाया गया। बच्चों की मजलिस को कायनात फातिमा ने खिताब किया। नौहा मातम और मर्सियाख्वानी के लिए छोटे-छोटे बच्चे मौजूद थे। इसमें अनाया फातिमा, सारा रिजवी, माशा रिजवी, नूरी फातिमा, दुआ नकवी, जारा फातिमा शामिल रहे।
दूसरी ओर भदऊं स्थित इमामबाड़े पर शब्बेदारी का आयोजन हुआ। उर्फी रजा के संयोजन में शब्बेदारी को मौलाना जमीरुल हसन ने खिताब किया। मजलिस के तुरंत बाद शहर की अंजुमनों ने नौहा मातम किया। दालमंडी पुरानी अदालत में मौलाना अब्बास इरशाद ने मजलिस को खिताब किया। कच्ची सराय, पितरकुंडा, तेलिया नाला पर मजलिसों का सिलसिला जारी है।