Varanasi News: भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा, बुजुर्ग और बच्चों तक में तनाव तेजी से बढ़ा है। इसको दूर करने के साथ उनमें छीपी प्रतिभा को बाहर निकालेंगी। नई शिक्षा नीति में भी इसपर जोर दिया जा रहा है। बच्चों में पढ़ाई के दौरान याद करने की क्षमता का विकास भी दिया जाएगा।
बच्चों और युवाओं में बढ़ते तनाव को मुक्तकर उनकी प्रतिभा को निखारा जाएगा। इससे उनकी क्षमता का विकास होगा तो उनके कॅरियर भी काफी उज्ज्वल होंगे। मोटीवेशनल स्पीकर डॉ. दीप्ति शर्मा नई तकनीक डीएमआईटी, माइंड ब्रेन, पास्ट लाइफ थेरेपी आदि की मदद से उनकी कर्मियों को खुबियों में बदलकर उनके कौशल का विकास करेंगी। इसके लिए यहां स्कूलों में कार्यशाला शुरू करेंगी।
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शनिवार को कैंटोंमेंट स्थित एक होटल में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा, बुजुर्ग और बच्चों तक में तनाव तेजी से बढ़ा है। इसको दूर करने के साथ उनमें छीपी प्रतिभा को बाहर निकालेंगी। नई शिक्षा नीति में भी इसपर जोर दिया जा रहा है। ताकि बच्चों के आप्टीट्यूट टेस्ट करके ही उनको पढ़ाया जाए, ताकि उनकी रुचि के अनुसार ही शिक्षा मिले और प्रतिभा को निखारा जा सके।
डॉ. दीप्ति ने बताया कि डीएमआईटी (डरमेटोक्लाफिक मल्टीपल इंटेलिजेंस टेस्ट) से किसी की भी जांच की जा सकती है। इससे उनकी यादस्त, एकाग्रता, दिमागी स्थिति एवं कौशल क्षमता के बारे में जांच कर इसमें कैसे बदलाव ला सकते हैं, के बारे में बताया जाएगा।
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इससे बच्चों में पढ़ाई के दौरान याद करने की क्षमता का विकास होगा। वह रविवार को महमूरगंज स्थित गोपाल विहार कॉलोनी में डॉ. दीप्ति शर्मा ऑफिशियाल काशी केंद्र का उद्घाटन भी करेंगी।